Visakhapatnam. रेलवे स्टेशनों पर संदिग्ध गतिविध और व्यक्ति की पहचान अब रोबोट करेगा. ईस्ट कोस्ट रेलवे ने विशाखापत्तनम रेलवे स्टेशन पर ह्यूमनॉइड रोबोट ‘ASC अर्जुन’ को तैनात किया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस रोबोट का नाम है ‘ASC अर्जुन’. अब अर्जुन की नजर रेलवे स्टेशन पर होगी. यह किसी भी संदिग्ध को पहचान लेगा. भीड़ बढ़ने पर अधिकारियों को अलर्ट भेजेगा. क्राउड मैनेजमेंट के लिए अब इसे उपयोग में लाया जा सकेगा.
यात्रियों और उनके समान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने यह कदम उठाया है. स्टेशन परिसर में साफ सफाई से लेकर दूसरी सेवाओं की भी निगरानी ह्यूमनॉइड रोबोट ‘ASC अर्जुन’ से करायी जा सकेगी. देश में किसी रेलवे स्टेशन पर यह पहला ह्यूमनॉइड रोबोट लगाने का प्रयोग किया गया है. इसकी निगरानी RPF के जिम्मे होगी.
पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित ASC अर्जुन को विशाखापत्तनम में ही डिजाइन और तैयार किया गया है. इसे बनाने में लगभग एक साल का वक्त लगा है. इस ह्यूमनॉइड रोबोट का उद्घाटन RPF के महानिरीक्षक आलोक बोहरा और विशाखापत्तनम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक ललित बोहरा ने किया है.
फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से लैस है अर्जुन
ASC अर्जुन फेस रिकॉग्निशन कैमरा सिस्टम से लैस है. यह स्टेशन परिसर में संदिग्ध गतिविधियों और घुसपैठ की पहचान कर लेगा. RPF को अलर्ट भेजेगा. रोबोट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भीड़ का विश्लेषण भी कर सकेगा. ज्यादा भीड़ होने पर कंट्रोल रूम और सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट भेज देगा.
‘ASC अर्जुन’ को हिंदी, अंग्रेजी और तेलुगु भाषाओं में सुरक्षा और जानकारी से जुड़ी घोषणाओं के लिए भी प्लान किया गया है. व्यस्त समय के दौरान रोबोट प्लेटफॉर्म पर सेमी ऑटोनोमस तरीके से गश्त करेगा और रास्ते में आने वाली बाधाओं से खुद को बचता हुआ 24 घंटे निगरानी करता रहेगा.
‘यात्रियों का करेगा अभिवादन, जरूरी जानकारी भी देगा
ह्यूमनॉइड रोबोट ‘ASC अर्जुन’ यात्रियों से बात कर सकेगा. वह उन्हें नमस्ते करेगा और जरूरी जानकारी भी देगा. यही नहीं RPF अधिकारियों को यह सैल्यूट भी देगा. इमरजेंसी स्थितियों जैसे आग और धुएं की शुरुआती पहचान करने में भी ‘अर्जुन’ सक्षम है और इमरजेंसी स्थिति के बारे में कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट भेजता है.















































































