- भारतीय संविधान के धारा 24 (समानता का अधिकार) और धारा 21 (जीवन का अधिकार) के उल्लंघन का दावा
MUMBAI. रेलवे की ‘नो रिफंड’ पॉलिसी को यात्रियों से धोखाधड़ी बताकर हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी है. मुंबई के अधिवक्ता सचिन तिवारी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रेलवे पर तत्काल टिकट बुकिंग में आम यात्रियों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्काल में बुक टिकट कैंसिल करने पर रेलवे यात्री को तो कोई रिफंड नहीं देता लेकिन सीट को ऊंची कीमत पर बेचकर दोगुना पैसा कमाता है.
अधिवक्ता सचिन तिवारी ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग सेवा में ‘नो रिफंड’ पॉलिसी मनमानी और अवैध कराकर देते हुए उसकी वैद्यता को चुनौती दी है. इसमें तर्क दिया गया है कि तत्काल में बुक टिकट अगर किसी कारण कैंसल करना पड़े, तो यात्री यानी उपभोक्ता को एक भी रुपया रिफंड न करना जायज नहीं है.
ऐसा इसलिए भी कि रेलवे उसी टिकट को दूसरी बार बेचकर दोगुनी कमाई कर लेता है. इससे सिर्फ रेलवे को फायदा होता है लेकिन उपभोक्ता को नुकसान. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि बुक टिकट को कैंसिल करते समय पूरा पैसा काट लेना भारतीय संविधान के धारा 24 (समानता का अधिकार) और धारा 21 (जीवन का अधिकार) के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.
ऐसे में रेलवे कैंसल किए गए टिकट को उसी कीमत पर किसी और को बेचता है, तो इसे खरीदने वाले पहले ग्राहक को बुकिंग राशि का कुछ हिस्सा वापस मांगने का पूरा अधिकार है. क्योंकि तत्काल लोग जल्दी में बुकिंग करते हैं. क्योंकि उसके लिए यात्रा करना जरूरी और अनिवार्य होता है. अगर उसे किसी जरूरी वजह से सही समय पर टिकट बुक करना है, तो उसे इतना बड़ा नुकसान क्यों उठाना पड़े? इसलिए, अगर परिवार में किसी की मौत या किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से बुकिंग कैंसिल करनी पड़ती है, तो टिकट का पूरा पैसा वापस करने का इंतजाम किया जाना चाहिए.
अधिवक्ता सचिन तिवारी ने रेलवे को कैंसल बुकिंग से हुए मुनाफे की जानकारी देने की भी मांग की है ताकि लोगों को सही सूचना मिल सके. हालांकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ कैंसल बुकिंग से रेलवे ने करोड़ों की कमाई की है. साल 2022 में रेलवे ने वेटिंग लिस्ट में कैंसिल टिकटों से 887 करोड़ कमाए थे. 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,042 करोड़ रुपये से अधिक हो गया था.















































































