- डीडीयू-गयाजी रेलखंड पर 180 की स्पीड में चली ट्रेन, 1.57 घंटा में 212 KM की तय हुई दूरी
PATNA. पूर्व मध्य रेलवे ने एक बड़ी उपलब्धि के साथ ब्रिटिश शासनकाल के दौरान वर्ष 1906 में बने हावड़ा-दिल्ली ग्रैंड कॉर्ड सेक्शन पर बुधवार को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्री ट्रेन का सफल परीक्षण किया. यह ट्रायल इस रूट पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलने को लेकर किया गया. वर्तमान में इस रूट पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चल रही है.
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से चलकर कोडरमा स्टेशन पर यह हाईस्पीड ट्रेन दोपहर 1:58 बजे पहुंची और महज 17 से 18 सेकंड में पूरे प्लेटफॉर्म को पार कर गई. इस दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों ने रफ्तार का अद्भुत नजारा देखा. ट्रायल पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से धनबाद के प्रधानखांटा स्टेशन तक किया गया. 120 साल पुराने इस ट्रैक पर कभी कोयला इंजन चलते थे.
डीडीयू-गयाजी रेलखंड पर 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार ट्रायल के साथ रेलवे सेमी हाईस्पीड और हाईस्पीड ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रही है. डीआरएम उदय सिंह मीणा ने मीडिया को बताया कि इस सेक्शन पर पहले 160 किमी प्रति घंटे तक का ट्रायल किया जा चुका है. अब 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड का परीक्षण किया गया है. नतीजे संतोषजनक हैं.
इस ट्रायल रन में पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रपाल सिंह मुगलसराय (डीडीयू) से धनबाद तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण करते रहे. इस दौरान जीएम ने ट्रैक, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई), पुल-पुलिया तथा अन्य संरचनात्मक व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया. निरीक्षण में दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विनोद कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.



















































































