जम्मू. एसएंडटी (सिग्नल एंड टेलीकॉम) ब्रांच में हेल्पर पद पर तैनात रेलकर्मी मुदासिर राशिद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बन गया है. वह चार महीने से ड्यूटी से गैरहाजिर है. कुछ दिन पहले उसने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ अपनी तस्वीर शेयर की थीं. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह अब लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बन चुका है. इस रेलकर्मी की इस तस्वीर ने रेलवे को झकझोर दिया है. उसके दोबारा ज्वाइन करने की आशंका को देखते हुए रेलवे ने सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दे दी है.
सुरक्षा एजेंसियां अब उसकी तलाश में जुट गई हैं. उसकी गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है. मुदासिर राशिद पुत्र अब्दुल राशिद भट्ट जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के गांव लारिबल (तहसील काकापोर) का रहने वाला है. वह चार महीने से ड्यूटी पर नहीं आ रहा था. उसने काम पर न आने की वजह भी रेलवे को नहीं बताई थी. कुछ दिन पहले उसने सोशल मीडिया पर अपनी एक फोटो अपलोड की. इस फोटो में उसने हथियार पकड़ रखे थे.
आरपीएफ की स्थानीय इंटेलीजेंस ने इस फोटो की पहचान कर ली और ये सूचना रेलवे के उच्च अधिकारियों को दी गई. आइजी (आरपीएफ) सुमति संधयाल की ओर से उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को इस बारे में 14 जनवरी को पत्र भेजा गया है. इस पत्र की एक कॉपी फिरोजपुर मंडल रेलवे के डीआरएम ऑफिस और आरपीएफ के वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त को भी भेजी गई है. आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी उक्त पत्र मिलने की पुष्टि तो कर रहे हैं, लेकिन कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं. फिरोजपुर मंडल रेलवे के एडीआरएम एनके वर्मा का कहना है कि वे कुछ दिन से बाहर थे. फिलहाल उन्हें रेलकर्मी के आतंकी बनने के संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है. फिर भी वे डाक को चेक करवा रहे हैं. रेलकर्मी राशिद के लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बन जाने पर रेलवे हाई अलर्ट पर है. सिग्नल एंड टेलीकॉम ब्रांच में कार्यरत होने के कारण उसे रेलवे के तकनीकी पक्षों की जानकारी है. रेलवे अब अतिरिक्त अतिरिक्त सावधानी बरत रहा है. सुरक्षा के लिहाज से जम्मू-कश्मीर रेलवे के लिए पहले से ही अति संवेदनशील है.
Source .jagran
















































































