Connect with us

Hi, what are you looking for?

Rail Hunt

न्यूज हंट

GM/SER … ये प्रशासनिक हित के तबादले हैं या डील !

  • CKP में प्रमोशनल-पोस्टिंग विवाद के बीच Sr DEE (OP) एसके मीना का तबादला, पोस्टिंग में हुआ बड़ा खेल 
  • सालों से एक डिवीजन में जमे दो सीनियर अधिकारियों पर PCEE/GM की मेहरबानी के निकाले जा रहे निहितार्थ 
  • Sr DEE (OP) एसके मीना को बनाया गया Sr DEE (TRD), चंद्रशेखर की भी फिर से Sr DEE (G) में वापसी

KOLKATA. चक्रधरपुर डिवीजन में लोको पायलटों के प्रमोशन-पोस्टिंग से उठा विवाद धीरे-धीरे SER जोनल स्तर पर भी केंद्रीयकृत भ्रष्टाचार की नयी पटकथा लिखता नजर आ रहा है. प्रधानमंत्री मोदी और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव की जीरो टॉलरेस की नीति दक्षिण पूर्व रेलवे के विद्युत विभाग में हाल में ही जारी रोटेशनल तबादले में धरासायी होती नजर आयी. यहां पदाधिकारियों को मनमुताबिक पोस्टिंग प्रमोशन के बाद दी गयी तो चक्रधरपुर डिवीजन में दो अफसरों पर की गयी मेहरबानी चर्चा के केंद्र बिंदू में है.

रोटेशनल ट्रांसफर की स्वीकृति SER जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने दी है लेकिन नयी पोस्टिंग को लेकर PCEE नवीन कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाये जा रहे है. सवाल यह उठाया जा रहा है कि आखिर दो अधिकारियों पर रेल प्रशासन की इतनी मेहरबानी क्यों ? चक्रधरपुर रेलमडल विद्युत विभाग के रोटेशनल ट्रांसफर में Sr DEE (OP) एसके मीना और Sr DEE (TRD) चंद्रशेखर को डिवीजन में ही पुराने विभागों की दोबारा जिम्मेदारी दे दी गयी है. इसमें Sr DEE (OP)/CKP एसके मीना इससे पहले Sr DEE (TRD)/CKP थे जिन्हें रोटेशनल तबादले में फिर से वहीं भेजा गया है. जबकि Sr DEE (OP)CKP में रांची के सुजीत कुमार को पोस्टिंग दी गयी है.

CHAKRADHARPUR : डीआरएम साहब …, कहीं फंदे से लटका मिला ‘रामना’, तो कौन होगा जिम्मेदार !

वहीं दूसरी ओर Sr DEE (TRD) चंद्रशेखर पूर्व में Sr DEE (G) रह चुके है जो Sr DEE (OP) के बाद Sr DEE (TRD) बनाये गये थे. एक बार फिर चंद्रशेखर को Sr DEE (G) में पोस्टिंग दे दी गयी है. दिलचस्प है कि दोनों अधिकारी लंबे समय से चक्रधरपुर डिवीजन में रहे और तबादला और पोस्टिंग की अनयिमितता को लेकर विवादों में रहे हैं. एसके मीना पर तो Sr DEE (TRD) रहते आरोप लगे कि उन्होंने घर में काम करने से इंकार करने पर अधीनस्त  रेलकर्मी रमना का तबादला डांगुवापोसी करने के आरोप लगे थे. ALP से LP(G) के प्रमोशन-पोस्टिंग में Sr.DEE/OP/CKP एसके मीना द्वारा सूची विवाद सामने आयी तो डीआरएम तरुण हुरिया को हस्तक्षेप तक करना पड़ा. इसके बाद पोस्टिंग की नयी सूची जारी की गयी.

लेकिन… डीआरएम के हस्तक्षेप के बाद भी Sr.DEE/OP/CKP उन चुनिंदा LP(G) को रिलीविंग के नाम पर वापस उन्हें स्टेशनों पर बुला चुके है जहां से डीआरएम ने उनका तबादला आदेश रद्द कराया था. कहां तो यहां तक जा रहा है कि पोस्टिंग की सूची सीनियर डीईई कार्यालय और मान्यता प्राप्त यूनियन के चुनिंदा नेताओं को साधकर मिलकर तैयार की गयी थी. डीआरएम के हस्तक्षेप के बाद लोको पायलटों में यह आस जगी कि अब उन्हें न्याय मिलेगा लेकिन Sr.DEE/OP/CKP एसके मीना ने डीआरएम के आदेश को भी ठेंगा दिखा दिया है! वर्क जरूरत बताकर उन्हीं LP(G) को रिलीविंग के नाम पर चुनिंदा स्टेशनों पर वापस बुला लिया जहां उनकी मनचाही पोस्टिंग पहले दी गयी थी. यह क्रम अब भी जारी है. (विस्तृत खबर शीघ्र ) 

CKP : Sr DEE (OP) की प्रमोशनल पोस्टिंग सूची को DRM ने पलटा, 169 की नयी लिस्ट जारी, दलालों में छायी मायूसी

दक्षिण पूर्व रेलवे में PCEE  नवीन कुमार की निगरानी में इससे बड़ा क्या प्रमाण चाहिए की यहां गोलमाल चल रहा है. रोटेशन ट्रांसफर के नाम पर मनमानी को करप्शन की जड़ माना जाता रहा है. रेलमंत्री का कहना है कि सही रोटेशनल ट्रांसफर से ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकेगा. लेकिन जब रोटेशनल ट्रांसफर के नाम पर अधिकारियों को उसी डिवीजन में घूमा-फिराकर पोस्टिंग दी जा रही है तो PCEE और GM की मंशा पर सवाल उठना स्वभाविक है कि यह प्रशासनिक हित है अथवा डील? इसके पीछे आखिर रेल प्रशासन की क्या मजबूरी है? जीएम अनिल कुमार मिश्रा को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए.

कई वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस स्थानांतरण के पीछे PCEE का क्या उद्देश्य हो सकता है? उनका कहना है कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह सब भ्रष्टाचार की बदौलत ही हो रहा है. इस मामले में रेलमंत्री और रेलवे बोर्ड को स्वतः संज्ञान लेकर ऐसे सभी मामलों की गहराई से छानबीन करके दोषी अधिकारियों के विरुद्ध उचित दंडात्मक करवाई की जानी चाहिए, तभी दक्षिण पूर्व रेलवे में चल रहा यह जंगलराज समाप्त हो सकता है.

सूचना तंत्र की इस नाकामी के लिए सीनियर अधिकारी भी उनके ही अधिक जिम्मेवार होते है. ऐसे में रोटेशन को बर्बाद करने वालों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. यही व्यस्था भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है. रेलमंत्री जीरो टॉल रेंस की बात तो कहते है लेकिन जब इसके लिए रोटेशन की व्यवस्था में सुधार की बात होती है तो उनका मौन ही जोनल स्तर के अधिकारियों के मनोबल को बढ़ावा देता है और चक्रधरपुर मंडल में बड़े विवादों के बावजूद अफसरों की पोस्टिंग प्रशासनिक हित बताकर कर दी जाती है. यह डील ही तो है .. जारी 

रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में किसी को अपना पक्ष रखना है तो whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, पूरे सम्मान के साथ उसका संज्ञान लिया जायेगा. 

SER : विद्युत विभाग में प्रमोशनल के बाद मिली मनचाही पोस्टिंग, बंडामुंडा में अंकित पांडे बने DEE/TRS

Spread the love
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

अभी अभी

You May Also Like

आरपीएफ-जीआरपी

C&W से SSE जारी करते थे कंपनी को रिजेक्शन लेटर, EM पैड को स्क्रैप में बेच देता था बिचौलिया असद  टाटानगर-आदित्यपुर के अलावा बंडामुंंडा...

रेल यूनियन

रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस के साथ नाईट ड्यूटी फेलियर रेक्टिफिकेशन गैंग बनाने की मांग  NEW DELHI. इंडियन रेलवे सिगनल एवं टेलिकॉम मैंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) ने...

न्यूज हंट

बड़ा सवाल – दानापुर विद्युत विभाग ने रेलवे बोर्ड की गाइड-लाइन और यात्रियों की सुरक्षा को किया दरकिनार ! बड़ा आरोप – एजेंसी चयन...

आरपीएफ-जीआरपी

चक्रधरपुर डिवीजन में सिक्यूरिटी सर्कुलर का अनुपालन सुनिश्चित कराने में लग गये दो माह   RPF डीजी सोनाली मिश्रा की फटकार के बाद जागे कमांडेंट...