KOLKATA. हावड़ा रेलवे स्टेशन पर काला कोर्ट पहनकर बैच लगाये एक टीटीई यात्रियों की टिकट जांच कर रहे थे. हावड़ा न्यू कॉम्प्लेक्स में टिकट जांच कर रहे TTE पर CTI/HWH देबदु लाल भट्टाचार्य की नजर पड़ी. प्लेटफॉर्म पर TTE की वर्दी में टिकट जांच कर रहे युवक पर सीटीआई को शक हुआ तो उन्होंने उसकी गतिविधियां पर गौर किया. इसके बाद टीम के साथ उसे पकड़ा और पूछताछ की. तब पता चला कि वह फर्जी TTE है जो हर दिन हावड़ा और सियालदह स्टेशनों पर अलग-अलग जांच को अंजाम देता है. उसके पास से गलत पहचान वाले कई अलग-अलग पहचान पत्र भी मिले. यह घटना बीती रात की है.
पकड़े गये रौनित राज शॉ ने बताया कि उसके साथ 2 और 3 अन्य लोग भी है जो हावड़ा और सियालदह स्टेशनों पर नियमित रूप से टिकट की जांच करते हैं. इसके बाद फर्जी तौर पर TTE बनकर स्टेशन पर सक्रिय एक गिरोह का पता चला. टिकट चेकिंग स्टाफ ने पकड़े गये युवक काे आरपीएफ के हवाले कर दिया है जो आगे की जांच कर रही है.
खड़गपुर रेलमंडल के सीनियर डीसीएम निशांत कुमार ने मीडिया को बताया कि रेलवे कॉमशियल विभाग की टीमें धोखाधड़ी की गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए जमीन पर काम कर रही हैं. हावड़ा सीटीआई का यह प्रयास एक उदाहरण है जो सतर्कता और ईमानदारी के साथ सेवा देने की प्रतिबद्धता को बढ़ावा देता है.
वहीं खड़गपुर के डीआरएम केआर चौधरी ने कॉमर्शियल विभाग की इस पहल की सराहना की है और इस तरह की धोखाधड़ी को खत्म करने के लिए अभियान को तेज करने की जरूरत पर बल दिया. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की गतिविधियों के मामले में रेलवे जीरो टॉलरेंस की नीति रखता है और ऐसे कृत्य को सहन नहीं किया जायेगा.














































































