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भारत गौरव पर्यटक ट्रेनों के नाम पर रेलवे में निजी ऑपरेटरों के लिए खोल दिया दरवाजा !

  • अब कोई भी किराये पर लेकर चला सकता है ट्रेन, रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने की इसकी घोषणा
  • भारत गौरव ट्रेन का संचालन करने वाले टूर ऑपरेटर को किराया तय करने का होगा अधिकार

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव

संजय कुमार, पटना

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने वाली थीम पर भारत गौरव पर्यटक ट्रेन चलाने की घोषणा की है. इन ट्रेनों को कोई भी किराये पर लेकर चला सकता है. दिलचस्प बात यह है कि भारत गौरव ट्रेन का संचालन करने वाले टूर ऑपरेटर को किराया तय करने का भी अधिकार होगा. फिलहाल रेलमंत्री ने इसके लिए 190 ट्रेनों को आंवटित किया है. बेहतर रिस्पांस पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है. रेलमंत्री की इस घोषणा के साथ ही रेलवे में निजी ऑपरेटरों के लिए दरवाजा खोल दिया गया है.

रेलमंत्री की नयी घोषणा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोष को साकार करने का हिस्सा बताया जा रहा है जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शानदार ऐतिहासिक स्थानों को देश और दुनिया के लोगों के सामने रखकर देश की विशाल पर्यटन क्षमता का दोहन करने की योजना है. पर्यटन क्षेत्र के पेशेवरों की दक्षता का उपयोग कर पर्यटन सर्किटों को विकसित करने/पहचानने की थीम आधारित ट्रेनों को चलाने के साथ रेलमंत्री ने अघोषित रूप से निजी ऑपरेटरों के लिए दरवाजे खोलने का काम कर दिया है.

रेल मंत्रालय की कमान संभालने के बाद व्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटे रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत की भावनात्मक ट्रेन दौड़ाकर जहां एक ओर राजस्व जुटाने का उपाय किया है वहीं निजी ऑपरेटरों की रेलवे में इंट्री सुनिश्चित कराते हुए बेहतर इंतजाम और अच्छी सुविधा देने के नाम पर यात्रा पैकेज निर्धारण का अधिकार व रियायतें देकर उनकी कमाई के रास्ते भी खोज दिये हैं.

हालांकि रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत गौरव ट्रेन, रामायण ट्रेन से लोगों को भारतीय संस्कृति, हमारी विविधिता एवं धरोहरों से परिचित होने का मौका मिलेगा. लेकिन इन ट्रेनों के संचालन का अधिकार आईआरसीटीसी या किसी अन्य सेवा प्रदाता कंपनी को दिया जायेगा जो एक व्यक्ति, साझेदारी फर्म, कंपनी, सोसाइटी, ट्रस्ट, जेवी/कंसोर्टियम (अनिगमित / निगमित) शामिल है जिसे सेवा प्रदाता कहा जाता है. निजी ऑपरेटरों को रेल मंत्रालय कई रियायत व अधिकार भी देगा. हालांकि रेलमंत्री ने कुछ मामलों में निजी एजेंसी या ऑपरेटव पर लगाम रखने की बात भी कही है.

सेवा प्रदाता यानी निजी ऑपरेटर को थीम तय करने का अधिकार होगा. इसमें पर्यटकों को रेल यात्रा, होटल आवास, दर्शनीय स्थलों की यात्रा व्यवस्था, ऐतिहासिक/विरासत स्थलों की यात्रा, टूर गाइड आदि को मिलकार पैकेज बनाने की छूट होगी. यही नहीं निजी ऑपरेटर को पैकेज के साथ किराया तय करने का अधिकार भी दिया गया है. ऑपरेटर कोच को अपनी तरह से डिजाइन कर सभी तरह के ग्राहकों के अनुकूल बनाने के लिए भी स्वतंत्र होंगे. इसके साथ ही निजी ऑपरेटर/एजेसी को ट्रेन के अंदर और बाहर दोनों जगह ब्रांडिंग और विज्ञापन का अधिकार भी दिया जायेगा. जिसे दो साल से लेकर 10 साल तक के लिए ट्रेन दी जायेगी.

रेल मंत्रालय की कमान संभालने के बाद व्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटे रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत की भावनात्मक ट्रेन दौड़ाकर जहां एक ओर राजस्व जुटाने का उपाय किया है वहीं निजी ऑपरेटरों की रेलवे में इंट्री सुनिश्चित कराते हुए बेहतर इंतजाम और अच्छी सुविधा देने के नाम पर यात्रा पैकेज निर्धारण का अधिकार व रियायतें देकर उनकी कमाई के रास्ते भी खोज दिये हैं.

(यह लेखक के निजी विचार हैं, इससे रेलहंट की सहमति अनिवार्य नहीं है.)

 

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