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दिल्ली को मिलेगा एक और वर्ल्ड क्लॉस स्टेशन, खर्च होंगे 350 करोड़

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में रहने वाले लोगों को भारतीय रेलवे की तरफ से जल्द ही एक और सौगात दी जाएगी. दिल्ली को जल्द ही एक और वर्ल्ड क्लास (आधुनिक) रेलवे स्टेशन की सौगात मिलेगी. केंद्र सरकार की रेलवे स्टेशन रि-डेवलपमेंट योजना के तहत दिल्ली के बिजवासन रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया जाएगा. इसे लिए बिजवासन स्टेशन का नाम तय किया गया है और इसे आधुनिक और यात्री सुविधाओं से भरपूर बनाने के लिए रेलवे ने ब्लू प्रिंट भी तैयार कर लिया है. योजना के तहत दिल्ली एयरपोर्ट के नजदीक मौजूद बिजवासन रेलवे स्टेशन पर नए और आधुनिक टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा.

बिजवासन स्टेशन का ब्लू प्रिंट तैयार

स्टेशन के ब्लू प्रिंट के तहत बिजवासन स्टेशन का निर्माण कैटरपिलर के डिजाइन पर आधारित है. स्टेशन को आधुनिक बनाने का काम दो चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले फेज में 350 करोड़ रुपये की लागत से मेन एरिया या स्टेशन परिसर और टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा. बिजवासन रेलवे स्टेशन का चुनाव इसलिए किया गया है ताकि यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो, इसके साथ ही यहां से मेट्रो की कनेक्टिविटी भी दी जाएगी.

वर्ल्ड क्लास लेवल पर विकसित किया जा रहा

वर्ल्ड क्लास लेवल पर बिजवासन स्टेशन को विकसित किया जाएगा, इसके लिए यहां पर लिफ्ट, एस्केलेटर से लेकर तमाम तरह की सुविधाएं मौजूद रहेंगी. यहीं नहीं स्टेशन पर एयरपोर्ट की तर्ज पर कामर्शियल स्पेस भी डेवलप किया जाएगा. रेलवे का मानना है कि इससे यात्री सफर के साथ ही शॉपिंग का भी मजा एक साथ ले सकते हैं. बिजवासन रेलवे स्टेशन के नए डिजाइन को स्पेन की फर्म ने तैयार किया है.

बिजवासन का स्टेशन

डिजाइन तैयार करते समय यह ध्यान रखा गया है कि एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण इसे ज्यादा ऊंचा नहीं बनाया जा सकता था. इसी कारण डिजाइन तैयार करने वाली स्पेन की फर्म ने कैटरपिलर डिजाइन पर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे रेल मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया. 350 करोड़ रुपये की की लागत से अगले दो से ढाई साल में बिजवासन रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा.

इंडियन रेलवे स्टेशन री-डेवलपमेाट कॉर्पोरेशन (IRSDC) जरूरी फंड के लिए इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) से लोन लेगी. इसके लिए दोनों के बीच करार भी हो गया है. उम्मीद की जा रही है कि एक महीने में आईआरएसडीसी टेंडर जारी कर सिविल कंस्ट्रक्शन के लिए कंपनी का चयन भी कर लेगी. योजना के अनुसार लैंड मॉनीटाइजेशन के जरिये राजस्व जुटाया जाएगा. इससे न केवल लोन रकम की अदायगी होगी बल्कि साथ में एक्सट्रा कमाई भी होगी.

Source – Zee News

Railhunt News Desk
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