- मौत के कारण और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे रेलकर्मी, भविष्य के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाये
BANDAMUNDA. बंडामुंडा रेल खंड के भालूलता रेलवे स्टेशन के समीप 23 जुलाई की शाम में ट्रेन मैनेजर तरुण केरकेट्टा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच रेल प्रशासन ने शुरू कर दी है. महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा के निर्देश पर शुरू करायी गयी जांच टीम में एडीआरएम अजीत कुमार एवं चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल के सीएमएस सुब्रत कुमार मिश्रा हैं. दोनों अधिकारी वंदे भारत ट्रेन से रविवार को राउरकेला पहुंचे.
यहां से दोनों जांच अधिकारी सड़क मार्ग से भालूलता रेलवे स्टेशन आये. पैदल चल कर घटनास्थल पर की परिस्थतियों को जाना-समझा. इसके बाद जांच अधिकारी बंडामुंडा रेलवे एआरएम कार्यालय पहुंचे. यहां अलग-अलग विभागों के कुल 9 लोगों से पूछताछ की. जांच अधिकारियों ने मृत ट्रेन मैनेजर के ड्यूटी के दौरान ट्रेन में मौजूद ट्रेन चालक रमेश साह, बंडामुंडा रेल अस्पताल के डॉक्टर विकास रायगर, नर्स निरुपमा केराई, ड्रेसर राजदेव यादव, भालूलता स्टेशन मास्टर मनीष कुमार कर, भालूलता पॉइंट्स मेन, सेक्शन कंट्रोलर राकेश कुमार से पूछताछ किए.
दोनों जांच अधिकारियों ने अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि आखिर ट्रेन मैनेजर को इलाज मिलने में कहां देरी हुई और उनके मौत किन कारणों से हुई. ट्रेन मैनेजर की मौत से आक्राेशित ऑल इंडिया गार्ड काउंसिल के पदाधिकारियो ने दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा के दौरा के दौरान आक्राेश जताते हुए मौत के लिए जिम्मेदार कारणों की जांच कराने की मांग की थी. रेलकर्मियों का कहना था पेपर वर्क में विलंब ही ट्रेन मैनेजर की मौत का कारण बनी. इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाये और भविष्य के लिए बेहतर व्यवस्था की जाये ताकि किसी और को इस हालात से नहीं गुजरना पड़े.














































































