दिल्ली. ग्रुप डी कर्मचारियों के पदनाम बदलने जा रहे हैं। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने तैयारी कर ली है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के अधिशासी निदेशकों की एक कमेटी ने सुझाव दिया है। ग्रुप डी के अलग-अलग पदों के नाम खत्म करके 1800 ग्रेड पे लेवल-1 वाले कर्मचारियों के पदनामों को एकरूपता देने की तैयारी बोर्ड ने की है। इसके तहत रेलवे के वाणिज्य, परिचालन, सिविल इंजीनियरिंग, मेकैनिकल इंजीनियरिंग, इंलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कार्मिक, संकेत एवं दूर संचार, भंडार, स्वास्थ्य एवं लेखा समेत सभी विभागों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदनाम बदले जाएंगे। बोर्ड की ओर से गठित अधिशासी निदेशकों की कमेटी के सुझाव पर इन पदों के लिए नए नाम भी सुझा दिए गए हैं। इसके तहत सभी को मल्टी टास्क स्टाफ पदनाम दिया जाएगा। इसके साथ उनके विभाग का नाम भी जोड़ा जाएगा। मसलन कॉमर्शियल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को एमटीएस कॉमर्शियल और परिचालन के कर्मचारियों को एमटीएस ऑपरेटिंग पदनाम दिया जाएगा।
खलासी समेत ये पद खत्म होंगे-
रेलवे बोर्ड जिन पदनामों को खत्म करने की तैयारी में है। उनमें कॉमर्शियल के सहायक बावर्ची, बैरा, स्टॉल कीपर, चपाती मेकर, हेड वेटर, हेड बैरा, चपरासी, जमादार, पोर्टर, मार्कर, चौकीदार, बॉक्स पोर्टर आदि पदनाम हैं। ऑपरेटिंग के प्वाइंट्समैन, लीवरमैन, शंटमैन, पोर्टर, ट्रॉलीमैन, गेटमैन आदि हैं। सिविल इंजीनियरिंग में खलासी, माली, चपरासी, हेल्पर आदि पदनामों वाले कर्मचारी अब एमटीएस सिविल इंजीनियरिंग कहलाएंगे।
यूनियन को दी सूचना-
रेलवे र्बोर्ड ने बदले जाने वाले दर्जनों पदनाम और उनकी जगह प्रस्तावित पदनामों की पूरी लिस्ट रेलवे यूनियन एनएफआईआर और एआईआरएफ को भेजी है। यूनियन को यदि इस पर कोई आपत्ति होगी तो इसे 28 फरवरी तक दर्ज कराया जा सकेगा।
साभार हिन्दुस्तान
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