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अमृतसर हादसा : गुस्साई भीड़ ने रेलवे के गेटमैन को बिल्डिंग से फेंका

अमृतसर हादसा : गुस्साई भीड़ ने रेलवे के गेटमैन को बिल्डिंग से फेंका
  • रेलवे नहीं करायेगा मामले की जांच, ड्राइवर को भी क्लीनचिट

अमृतसर. अमृतसर में दशहरा समारोह के दौरान हुए रेल हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है. शनिवार की दोपहर आक्रोशित लोगों ने शिवाला फाटक के गेटमैन निर्मल सिंह की पिटाई कर दी और उन्हें रेलवे के केबिन (एस-26-ई3) से उठाकर नीचे फेंक दिया. गेटमैन निर्मल सिंह के सिर में गंभीर चोट आयी है.

घटना को लेकर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने पहली बार दिये अपने बयान में कहा कि ‘‘हादसे में रेलवे की चूक नहीं है. रेलवे प्रशासन को इस तरह के आयोजन के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी. यह हादसा टाला जा सकता था, क्योंकि रेलवे ट्रैक के करीब इस तरह के आयोजन नहीं होने चाहिए”. रेलवे फाटक से कुछ ही दूरी पर यह आयोजन हो रहा था. ट्रैक ऊंचाई पर था, इसलिए लोग वहां चढ़कर रावण दहन देख रहे थे. रावण दहन होते ही पटाखों की आवाज शुरू हो गयी. तभी भगदड़ मची और लोग ट्रेनों की आवाज नहीं सुन सके. ड्राइवर को पहले से निर्देश होते हैं कि कहां हॉर्न बजाना है, कहां पर रफ्तार कम करनी है. हादसे के वक्त शाम का समय था. लगभग 7 बज चुके थे. जहां हादसा हुआ, वहां एक मोड़ है. इस कारण ड्राइवर नहीं देख सका की आगे क्या हो रहा है.’’

 हादसे में रेलवे की चूक नहीं है. रेलवे प्रशासन को इस तरह के आयोजन के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई थी. यह हादसा टाला जा सकता था, क्योंकि रेलवे ट्रैक के करीब इस तरह के आयोजन नहीं होने चाहिए.

मनोज सिन्हा, रेल राज्य मंत्री

रेलवे ने घटना से पल्ला झाड़ा, पुलिस ने लिया पायलट का बयान

अमृतसर में रावण दहन देखने के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर 61 से अधिक लोगों की मौत के बाद शनिवार को रेलवे ने घटना से पल्ला झाड़ लिया. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बहुत अधिक धुएं के चलते ड्राइवर को कुछ नजर नहीं आया. मामले में लोको पायलट से पंजाब पुलिस ने पूछताछ की है. लोको पायलट ने पुलिस को बताया है कि उसे चलने के लिए ग्रीन सिग्नल मिला था जिसका मतलब होता है आगे सब साफ है. उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि आगे सैकड़ों लोग खड़े होंगे.

ट्रेन को अचानक रोकना नहीं था संभव : लोहानी 

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने कहा कि डीएमयू ट्रेन को रोकने के लिए कम से कम 625 मीटर पहले ब्रेक लगाना होता है. उन्होंने कहा, ‘यदि ड्राइवर इमरजेंसी ब्रेक लगाता तो और बड़ा हादसा हो सकता था.’ उन्होंने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया है कि ड्राइवर ने सामान्य ब्रेक लगाया था जिसके चलते हादसे के वक्त ट्रेन की गति सामान्य से कम हो गई थी. उन्होंने यह भी साफ किया है कि इस मामले में रेलवे की तरफ से जांच के आदेश नहीं दिए जाएंगे.

अमृतसर ट्रेन हादसा : 37 ट्रेनें निरस्त, 16 का बदला रास्ता

पंजाब के अमृतसर में हुये रेल हादसे के आलोक में रेलवे ने शनिवार को वहां से गुजरने वाली 37 रेलगाडि़यों को निरस्त कर दिया है जबकि 16 अन्य का मार्ग परिवर्तित कर दिया है. इसके साथ ही जालंधर अमृतसर रेलमार्ग पर आवाजाही रोक दी गई है. उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि 10 मेल/एक्सप्रेस और 27 पैसेंजर रेलगाडि़यों को निरस्त कर दिया गया है. इसके अलावा 16 अन्य गाडियों को दूसरे मार्ग से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है जबकि 18 ट्रेनों को बीच में ही रोक कर उनकी यात्रा समाप्त कर दी गयी.

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