KHARAGPUR. दक्षिण पूर्व रेलवे अंतर्गत टाटानगर-खड़गपुर सेक्शन के बांसतला रेलवे स्टेशन के पास जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आकर गुरुवार की रात तीन हाथियों की मौत के बाद वन विभाग और रेलवे ने वन्य जीव संरक्षण और यात्री सुरक्षा को लेकर साझा कार्ययोजना बनायी है. डीआरएम केआर चौधरी और मुख्य वन संरक्षक संदीप सुंदरियाल की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में वन्यजीव-ट्रेन संघर्ष का जोखिम कम करने के लिए आपस में सूचना और सहयोग बढ़ाया जायेगा. इसके तहत समयबद्ध कार्य योजनाओं के अनुपालन पर भी सहमति जतायी गयी.
ट्रेन की टक्कर से दो बच्चों सहित तीनों हाथियों की मौत हो गयी थी. वन विभाग के अनुसार संभवत: झारखंड के दलमा जंगल से आया हाथियों का झुंड जंगल से गुजर रहा था. खड़गपुर-टाटानगर सेक्शन पर तेज गति से आ रही जनशताब्दी एक्सप्रेस ने तीन हाथियों को पटरी पर कुचल दिया. इसके बाद शनिवार को रेलवे और वन विभाग की टीम ने मौका का मुआयना किया.
इसके बाद मुख्य वन संरक्षक (CCF), हिजली के कार्यालय में रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों के बीच उच्च-स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मुख्य वन संरक्षक संदीप सुंदरियाल और खड़गपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) के.आर. चौधरी ने की. इस दौरान एडीआरएम (संचालन) खड़गपुर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल थे. मुख्य वन्यजीव वार्डन और मंडल वन अधिकारियों (DFO) सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में अपनी राय दी.
बैठक में वन्य जीवों की रेल हादसे में मौत जैसी घटनाओं को रोकने और रेलवे पटरियों से जुड़े संवेदनशील वन क्षेत्रों से वन्यजीवों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक उपायों पर चर्चा की गयी. इसके लिए बेहतर समन्वय बनाना , पूर्व चेतावनी प्रणालियों जैसी प्रौद्योगिकी के उपयोग और महत्वपूर्ण हाथी गलियारों की पहचान पर जोर दिया गया.
रेलवे और वन विभाग के अधिकारियों ने वन्यजीव संरक्षण और यात्री सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और भविष्य में वन्यजीव-ट्रेन संघर्ष के जोखिम को कम करने के लिए सहयोगात्मक, समयबद्ध कार्य योजनाओं की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की.
प्रेस विज्ञप्ति



















































































