NEW DELHI. वंदे भारत ट्रेन स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन पूरा हो चुका है और इसी माह गुवाहाटी और हावड़ा के बीच ट्रेन का उद्घाटन होगा. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वंदे भारत स्लीपर का उद्घाटन करेंगे. उन्होंने बताया कि ट्रेन दोनों दिशाओं में शाम को चल कर अगले दिन सुबह गंतव्य तक पहुंच जाएगी. 16 कोच वाली ट्रेन में 11 कोच एसी-3 के, 4 कोच एसी-2 और एक कोच एसी-1 के होंगे. ट्रेन में कुल 823 यात्रियों की क्षमता होगी. एक एसी-3 कोच में 56, एक एसी-2 में 47 और एसी-1 में 24 यात्री सवार हो सकेंगे.
रेल मंत्री ने बताया कि गुवाहाटी से चलने वाली गाड़ी में असमिया भोजन और कोलकाता (हावड़ा) से चलने वाली ट्रेन में बंगाली खाना परोसा जाएगा. खाने के लिए नये स्थानीय वेंडरों को अनुबंधित किया जाएगा. इस गाड़ी में कंबल, चादर तकिये आदि की तकनीक आधारित धुलाई एवं सफाई की विशिष्ट व्यस्था की गई है.
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रेल मंत्री ने ट्रेन के किराये को लेकर भी जानकारी दी. कहा कि कोलकाता और गुवाहाटी के बीच एसी-3 का किराया करीब 2300 रुपये (भोजन सहित), एसी-2 का किराया लगभग 3000 रुपये और एसी-1 का किराया 3600 रुपये होगा. उन्होंने कहा कि वंदे भारत स्लीपर का किराया स्थिर रहेगा. इसमें किराया तय करने का नया फार्मूला तय किया गया है. एसी-3 में प्रति किलोमीटर 2.40 रुपये, एसी2 में 3.10 रुपये और एसी-1 में 3.80 रुपये का किराया होगा.
उन्होंने कहा कि स्लीपर ट्रेन के डिजाइन में सेंटर ऑफ ग्रैविटी एक अहम तकनीकी चुनौती होती है, क्योंकि स्लीपर कोच में यह ऊपर चला जाता है. इसी कारण स्लीपर वर्जन का डिजाइन चेयरकार की तुलना में अधिक जटिल होता है. मिडिल बर्थ पर चढ़ने को आरामदायक बनाने के लिए कई परीक्षण किए गए हैं. मंत्री का दावा है कि वंदे भारत स्लीपर का राइड कंफर्ट दुनिया की किसी भी ट्रेन से बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि ट्रेन में आधुनिक डिसइन्फेक्टेंट तकनीक लगाई गई है, जिससे हवा में मौजूद 99.99 प्रतिशत वायरस और बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे. यह सुविधा वंदे भारत चेयरकार ट्रेनों में भी उपलब्ध है.
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रेलमंत्री ने बताया कि यह ट्रेन ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और अन्य अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस होगी. बोगियों को पूरी तरह नए डिजाइन के साथ तैयार किया गया है. ट्रेन में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं. रेल मंत्री ने कहा कि सभी सांसद चाहते हैं कि उनके क्षेत्रों में वंदे भारत ट्रेन चले और यह ट्रेन पूर्वोत्तर तथा पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी.
उल्लेखनीय है कि काफी समय से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की मांग की जा रही थी, क्योंकि अभी तक चल रही वंदे भारत ट्रेनों में स्लीपर कोच नहीं थे. इस नई ट्रेन के शुरू होने से आम यात्रियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा और अधिक सुगम होगी.
















































































