खुला मंच/विचार
लोकतंत्र के चार स्तंभों पर पुनर्विचार का समय : स्थिरता और गतिशीलता का नया संतुलन स्थापित करना ज़रूरी
भारत का लोकतंत्र विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था मानी जाती है, जिसकी नींव “जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए शासन” के आदर्श...
















































































