Connect with us

Hi, what are you looking for?

Rail Hunt

देश-दुनिया

12 घंटे की रोस्टर डयूटी कर रहे स्टेशन मास्टर, बढ़ रहा दबाव : बीएन चौधरी

  • ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के बैनर तले मंडल स्तरीय सेफ्टी कार्यशाला का आयोजन
  • कटिहार मंडल कमेटी के अध्यक्ष बीएन झा एवं मंडल सचिव आकाश दीप चुने गए

रेलहंट ब्यूरो, कटिहार. ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार 7 मई को आयोजित मंडल स्तरीय सेफ्टी कार्यशाला में स्टेशन मास्टरों ने 12 घंटे के ड्यूटी रोस्टर पर सवाल उठाया और उसे तत्काल बदलने की आवाज बुलंद की. रेल प्रवर संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में एडीआरएम योगेंद्र यादवेंदु, कार्मिक अधिकारी यूएन मिश्रा, परिचालन प्रबंधक पार्थ सारथी की मौजूदगी में समस्तीपुर से आए एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव बीएन चौधरी ने कहा कि देश से अंग्रेज चले गए लेकिन उनके बनाए गए कानून पर आज भी रेल चल रही है. स्टेशन मास्टर आज भी 12 घंटे की रोस्टर डयूटी कर रहे हैं. इससे वे गहरे दबाव में हैं. पहले रेल मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया गया था लेकिन अब मंडल स्तर पर भी दबाव बनाने की जरूरत है.

श्री चौधरी ने कहा कि कहा कि जनवरी 2016 से पूर्व स्टेशन मास्टर का ग्रेड पे 18 हजार 200 था जिसके बाद लगातार लड़ाई लड़ने के बाद यह 35 हजार 400 हुआ. यह उन सबों की जीत है. 1982 से 34 साल एसोसिएशन ने लड़ाई लड़ी. उसके बाद कई पुराने कानून के जगह नए कानून बने और कर्मियों को लाभ हुआ. कार्यशाला में स्टेशन मास्टर के लिए स्टेशनों एवं आवासीय परिसरों में सुविधा बहाली की मांग की गई. सेमिनार में कटिहार मंडल के स्टेशन मास्टर, सहायक स्टेशन मास्टर, स्टेशन प्रबंधक एवं अन्य तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को रखा. इस मौके पर प्रोजेक्टर के माध्यम से सेफ्टी काउंसलर रामप्रवेश कुमार ने रेल के विभिन्न विभागों की कार्य क्षेत्र में जिम्मेदारी तथा घटना दुर्घटना की रोकथाम को लेकर जानकारी ली. किस तरह 2016-17 में 34, 2017-18 में 28, 2018-19 में 13 एवं 2019-20 में अब तक मानवीय भूल से एक रेल दुर्घटना हो चुकी है. कार्यक्रम में जितेंद्र जायसवाल, आकाशदीप, बीएन झा, अर्जुन भगत, मिथिलेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, निलेश कुमार, निखिलेश कुमार, सज्जन कुमार आदि कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद थे.

कार्यशाला में देश के विकास में रेलवे की है बेहतर भागीदारी

ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी पी सुनील कुमार, टी मोहन दास, आरए प्रसाद आदि ने संगठन की मजबूती पर प्रकाश डाला. कहा कि जब देश में 11 अक्टूबर 1997 को नेशनल स्ट्राइक किया गया था तो रेल प्रशासन ने कई मंडलों में आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी. दो दर्जन से अधिक स्टेशन मास्टर को नौकरी से हटाया गया इसको लेकर भी संगठन ने लंबी लड़ाई लड़ी और यह सफलता हाथ लगी है. उस दौरान नौकरी गवा चुके सभी तकनीकी एवं सेफ्टी कैटेगरी के कर्मियों को जनवरी 2014 में नौकरी पर वापस लिया गया. जब तक मंडल स्तर पर गठित कार्यकारिणी के पदाधिकारी मजबूत नहीं बनेंगे इनकी आवाज ऊपर तक नहीं जाएगी. कार्यक्रम में कटिहार मंडल कमेटी के अध्यक्ष के रूप में बीएन झा एवं मंडल सचिव के रूप में आकाश दीप के चुने जाने की घोषणा की गयी.

Railhunt News Desk
Follow Us
Spread the love

अभी अभी

You May Also Like

आरपीएफ-जीआरपी

BHOPAL. जबलपुर सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात सागर में कार्रवाई करते हुए DyCE-II/Con/WCR को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ...

आरपीएफ-जीआरपी

अवैध वेंडिंग संचालन को लेकर स्थानीय सिंडिकेट के निशाने पर आ गये थे कमलेश समादार ASC/ROU ने रेलवे बोर्ड को भेजी ‘X’ की शिकायत...

न्यूज हंट

S&T कर्मचारियों की एकजुटता रंग लाई! IRSTMU के ‘डिमांड डे’ के बाद रेलवे बोर्ड ने जारी की टेक्नीशियन भर्ती की अधिूसचना  NDLS. भारतीय रेलवे के...

आरपीएफ-जीआरपी

संवेदनशील इलाके में नियम तोड़ अकेले तैनात था जवान राजेश मिश्रा, मौत के बाद सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल Ranchi. रांची के नामकुम...