JAMSHEDPUR. माकपा जिला कमिटी के वरिष्ठ सदस्य और सीटू राज्य उपाध्यक्ष सह कोल्हान अध्यक्ष कामरेड केके त्रिपाठी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह सरायकेला खरसावां जिला के सदस्य और कोल्हान सीटू के अध्यक्ष थे. वे 85 वर्ष के थे. कॉ केके त्रिपाठी कोल्हान क्षेत्र में पार्टी की पूरानी पीढ़ी के अंतिम ट्रेड यूनियन नेता थे.
वे टाटा के स्वामित्व वाले इस्पात उधोग टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (टिस्को) वर्तमान में टाटा स्टील में टिस्को कर्मचारी यूनियन के संस्थापकों में से एक थे. उन्होंने काॅ. नरेंद्र मिश्र और काॅ टीएन सिंह के साथ मिलकर टाटा के औधोगिक साम्राज्य में सीटू का लाल झंडा लहराया. जिसके चलते टाटा प्रबंधन ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया था.
यहां किये गये आंदोलन में वे जेल भी गए. बाद में वे वषों तक कानूनी लडाई लडे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उनकी पुन: बहाली हुई. मजदूर आंदोलन के लिए समर्पित एक श्रमिक नेता के रूप में वे हमेशा हमारी स्मृति में रहेंगें. पार्टी का झारखंड राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने जारी बयान में कहा कि काॅ. केके त्रिपाठी के निधन पर मंडल गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है. कॉ तापस चटराज ने भी उनके निधन पर दुख जताया है.
उनके निधन की खबर से पूरे संगठन में शोक की लहर फैल गई.कामरेड त्रिपाठी का पूरा जीवन मजदूरों और किसानों के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित रहा. “कौन बनाता हिंदुस्तान, देश का मजदूर-किसान” उनका प्रमुख नारा था. तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी. कानून रद्द होने पर उन्होंने साथियों से खुशी भी साझा की थी.
माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य और झारखंड राज्य किसान सभा के अध्यक्ष सुफल महतो ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा, “कामरेड त्रिपाठी का पार्टी और सीटू के प्रति योगदान अविस्मरणीय है. उनकी ईमानदारी, मेहनत, त्याग और साथियों के साथ कामरेडाना व्यवहार हम सभी को हमेशा याद रहेगा. झारखंड सीटू महासचिव विश्वजीत देव, माकपा जिला सचिव सुरेंद्र महतो, हरे कृष्ण महतो, शिवकुमार पांडेय, स्वपन महतो, असीम सरकार, कमल पारित, सत्य रंजन कोटका सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की और इसे पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति बताया.


















































































