- गोपनीय सूचना पर RPF, GRP ने स्टेशन सील कर की जांच, भाग निकला सरगना
PRAYAGRAJ. प्रयागराज जंक्शन पर मंगलवार को जोगबनी से आनंद विहार टर्मिनल जा रही सीमांचल एक्सप्रेस (12487) से मानव तस्करी किये जा रहे 15 किशोरों व बच्चों को मुक्त कराया गया. हालांकि मुख्य सगरना कुछ बच्चों को लेकर भागने में सफल रहा. यह कार्रवाई रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP), चाइल्ड लाइन और आस्था महिला एवं बाल विकास संस्थान की संयुक्त टीम ने की. बताया गया कि इन बच्चों को कथित तौर पर मदरसे में पढ़ाने के बहाने लुधियाना ले जाया जा रहा था. रेस्क्यू
आस्था महिला एवं बाल विकास संस्थान के प्रोग्राम मैनेजर दिव्य प्रकाश शुक्ला को बिहार से यह सूचना मिली थी कि सीमांचल एक्सप्रेस के जनरल और स्लीपर कोच में 40 से अधिक बच्चों व किशोरों को मजदूरी के लिए अवैध रूप से लुधियाना ले जाया जा रहा था. इस सूचना पर मीरजापुर में जीआरपी व टीम ने जांच का प्रयास किया लेकिन दो मिनट के ठहराव के कारण मामला नहीं बना. तब प्रयागराज जंक्शन का सूचना दी गयी.
प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो पर मंगलवार की सुबह ट्रेन के पहुंचने से पहले जीआरपी, आरपीएफ के इंस्पेक्टर पूरी टीम के साथ तैयार थे. इस दौरान बच्चों की पहचान के लिए चाइल्ड लाइन के कर्मचारी और आस्था संस्था की महिला कार्यकर्ता को भी तैयार रखा गया था. सीमांचल एक्सप्रेस के आते ही जनरल और स्लीपर कोच की तलाशी शुरू हुई. स्लीपर कोच में चार व जनरल कोच में 11 बच्चे व किशोर को उतारा गया. इनकी उम्र 10 से 17 वर्ष के बीच थी. सभी बिहार के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं.
अभियान के दौरान एक महिला और उसके कुछ साथी भी पकड़े गए, जिन्होंने दावा किया कि उनका बच्चा भी गलती से पकड़ लिया गया है. हालांकि पूरे घटनाक्रम की भनक मिलते ही बच्चों को ले जा रहा ठेकेदारकुछ अन्य बच्चों के साथ भाग निकला. जीआरपी और आरपीएफ ने स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास द्वारों को सील कर दिया था लेकिन ठेकेदार नहीं पकड़ा गया. बरामद 15 बच्चों को चाइल्डलाइन के हवाले कर दिया गया है.



















































































