- टाटानगर इलेक्ट्रिक लोको ट्रेनिंग सेंटर में लोको पायलटों को दिया गया प्रशिक्षण
- अंग कटे हुए व्यक्ति और पेसमेकर लगे लोगों को सीपीआर नहीं देने की सलाह
TATANAGAR. टाटानगर इलेक्ट्रिक लोको ट्रेनिंग सेंटर में नवनियुक्त ALP’s को प्रशिक्षण के दौरान हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच का अंतर बताया गया. आपदा प्रबंधन कार्यक्रम में सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने डिजिटल माध्यम और पीपीटी का इस्तेमाल कर लोको पायलटों को यह बताया कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच क्या अंतर है. उन्हें यह भी बताया गया कि अगर यह स्थिति उत्पन्न होती है तो प्रभावित व्यक्ति को सीपीआर कैसे दिया जाये.
रेल सिविल डिफेंस की ओर से विंटर प्रशिक्षण शिविर सीजन-टू का आयोजन ट्रेनिंग सेंटर में किया जा रहा था. इसमें दक्षिण पूर्व रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड रांची, हावड़ा, मालदा और कोलकाता से चयनित नवनियुक्त सहायक लोको पायलटों को आपदा राहत, जीवन रक्षक तकनीक और अग्निशमन का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया.
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सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने इस दौरान डॉक्टर की भूमिका निभायी और डिजिटल माध्यम और पीपीटी के जरिए हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच का अंतर समझाया. बताया कि ठंड के मौसम में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जाती है, जिसका प्रमुख कारण ठंड में रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना और रक्त का गाढ़ा हो जाना है. भारत में लगभग 30 प्रतिशत आबादी हाई ब्लड प्रेशर और करीब 12 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से पीड़ित है, जो हृदय रोगों के खतरे को बढ़ाता है.
संतोष कुमार ने यहां तक बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध है. यही नहीं जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयां और गोल्डन आवर में दिए जाने वाले जीवन रक्षक इंजेक्शन जैसे टेनेक्टेप्लेस और स्ट्रेप्टोकिनेस स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध हैं. कार्डियक अरेस्ट के लक्षणों में अचानक बेहोशी, सांस रुक जाना और नाड़ी का न चलना बताया, जबकि हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षणों में सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी और हाथ, कंधे या पीठ में दर्द शामिल हैं. उन्होंने यह भी साफ कहा कि अंग कटे हुए व्यक्ति और पेसमेकर लगे लोगों को सीपीआर नहीं दिया जाता है.
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प्रशिक्षण शिविर के दूसरे सत्र में डेमोस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने प्रशिक्षण केंद्र परिसर में फायर फाइटिंग का व्यावहारिक अभ्यास कराया. इस दौरान एलपीजी गैस लीकेज से उत्पन्न आग को बुझाने की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई करने का अनुभव मिल सके. इस विंटर प्रशिक्षण शिविर में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड कोलकाता, मालदा और रांची से आए कुल 450 नवनियुक्त सहायक लोको पायलटों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान केंद्र के सभी वरीय और कनिष्ठ अनुदेशक उपस्थित थे.














































































