- सोसायटी के चेयरपर्सन एसपी सिंह ने सहकारिता मंत्रालय को सौंपा अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज
KOLKATA. दक्षिण पूर्व रेलवे (SER), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे(SECR) और ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) एम्प्लाइज को-आपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में सालों से चल रहे गोलमाल का मामला दिल्ली सहकारिता मंत्रालय तक पहुंच गया है. सोसायटी के वर्तमान चेयरपर्सन एसपी सिंह ने इस मामले में मंत्रालय को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें मृत सदस्यों को जिंदा बताकर की गयी निकासी से लेकर पूर्व निदेशक मंडल द्वारा की गयी अवैध नियुक्तियों की पूरी कहानी दर्ज हैं.
चेयरपर्सन एसपी सिंह ने सहकारिता चुनाव प्राधिकरण के डीके सिंह, केंद्रीय रजिस्ट्रार (को-आपरेटिव सोसायटी) आलोक कुमार झा और संयुक्त रजिस्ट्रार मोनिका खन्ना के साथ इस मामले में एक बैठक भी की और उन्हें पूर्व बोर्ड की वित्तीय अनियमितताओं के साक्ष्य सौंपे.

एसपी सिंह, चेयरपर्सन
इसमें बताया गया है कि पूर्व निदेशकों ने कागजों पर मृत कर्मचारियों को ‘जीवित’ दिखाया और उनके नाम पर सोसायटी के फंड से लाखों रुपये की निकासी की. भ्रष्टाचार का जाल नियुक्तियों तक भी फैलाया. सेंट्रल रजिस्ट्रार और हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश थे कि बिना समय पर चुनाव कराए कोई भी नीतिगत निर्णय या नई नियुक्ति नहीं की जाएगी.
इसके बावजूद पूर्व बोर्ड ने अपने रिश्तेदारों और चहेतों को फर्जी तरीके से नौकरियां बांटीं. इस तरह हजारों रेल कर्मचारियों की मेहनत की कमाई का बंदरबांट किया गया. अर्बन बैंक के सूत्रों के अनुसार सहकारिता मंत्रालय ने इन शिकायताें को गंभीर माना है. सेंट्रल रजिस्ट्रार ने आश्वासन दिया है कि शेयरधारकों के पैसे के दुरुपयोग और अवैध नियुक्तियों की जांच कराई जाएगी.
Railway Urban Bank : फर्जी हस्ताक्षर कर शेयरधारक के खाते से राशि उड़ाने वाले दो कर्मी बर्खास्त
मालूम हो कि रेलवे को-ऑपरटिव क्रेडिट सोसाइटीज (Railway Co-operative Credit Societies) यानी अर्बन बैंक के दो कर्मचारी विवेकानंद बख्शी, कैशियर खड़गपुर और चक्रधरपुर शाखा के वरिष्ठ लिपिक स्वरनेन्दु जाना को फर्जी हस्ताक्षर कर शेयरधारक का पैसा निकालने के आरोप मे अर्बन बैंक की सेवा से वर्तमान कमेटी ने बर्खास्त कर दिया है.
अब देखना यह है कि सालों से अर्बन बैंक को चारागाह बनाये रखने वाले पूर्व निदेशक मंडल से जुड़े सफेदपोशों तक जांच की आंच पहुंचती है अथवा यह मामला भी रेलवे यूनियनों की दबाव की रणनीति में भ्रष्टाचार की नयी कहानी बनकर रह जाता है.














































































