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रेलकर्मियों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करने की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन

  • इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन ने मृतक परिवार को 50 लाख का बीमा कवर देने की रखी मांग
  • रेलवे के लगभग दो हजार कर्मचारी कोरोना काल में जान गवां चुके हैं, सरकार वॉरियर्स घोषित करें : कॉ सर्वजीत सिंह

नई दिल्ली. इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन संबद्ध एक्टू के आह्वान पर रेलवे कर्मचारियों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मंगलवार 25 मई को देश भर के रेलवे स्टेशन, वर्कशॉप, उत्पादन इकाई पर काली पट्टी बांधकर, प्लेकार्ड, झंडे बैनर के साथ विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सरकार की कोविड-19 गाइडलाइल का पालन किया गया.

इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन व आरसीएफ इम्प्लाइज यूनियन, कपूरथला, पंजाब के महासचिव कॉमरेड सर्वजीत सिंह ने कहा कि रेलवे के लगभग दो हजार कर्मचारी कोरोना काल में अपनी जान गवां चुके हैं. मार्च 2020 के लाकडाउन के बाद जब पूरा देश ठहर गया था तब रेलकर्मी लगातार काम करते हुए देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाये हुए थे. सर्वजीत सिंह जी ने कहा कि आज हम मुख्य रूप से आठ मांगो के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे है. छह माह से दिल्ली के बॉर्डर पर तीन कृषि विरोधी कानूनों को रद्द करवाने व MSP पर कानून बनाने के लिए संघर्षरत किसानों द्वारा 26 मई 2021 को काला दिवस का रेल कर्मचारियों की तरफ़ से समर्थन करते हुए यहां भी ब्लैक डे मनाया जायेगा.

इंडियन रेलवे एम्प्लाईज फेडरेशन 25 मई को देश भर में करेगा प्रदर्शन, 26 को ब्लैक-डे

प्रयागराज मे ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव डॉ कमल उसरी ने विरोध प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कई बार स्वयं अपने भाषण में रेल कर्मचारियों को कोरोना योद्धा कहा है लेकिन हमारे फेडरेशन ने रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर सचमुच में रेल कर्मचारियों को कोरोना वैरीयर्स घोषित करते हुए सुविधाएं देने की मांग की गई तो सरकार ने कुछ नहीं किया. रेल कर्मचारी रात-दिन कोरोना वैरीयर्स के रूप में काम रहे है, लेकिन अभी तक सभी रेल कर्मचारियों और उनके परिवार को कोविड वैक्सीन की पहली डोज तक नही मिल पाई है. रेलवे की अस्पताल को राज्य सरकारो के हवाले कर दिया गया है. रेलवे कर्मचारी दर-दर की ठोकरें खा रहे है.

देश के विभिन्न हिस्सों में किये गये विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अलग-अलग नेताओं ने किया. उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोनमें नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन, केंद्रीय महामंत्री मनोज पांडेय, ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव डॉ कमल उसरी, संजय तिवारी, सैयद इरफात अली, आगरा में राहुल चौरसिया, झांसी में एसपीएस यादव, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर में पूर्व मध्य रेलवे इम्प्लाइज यूनियन केंद्रीय अध्यक्ष कॉम संतोष पासवान, धनबाद मंडल में केंद्रीय महासचिव मृतुंजय कुमार, बीआर सिंह, एसपी शाहू, दानापुर,पटना में कॉ जितेंद कुमार, आरसीएफ़, रायबरेलीमे हरिकेश ,मडुआडीह डीज़ल लोकोमोटिव वर्कस वाराणसी, में राजेन्द्र पाल, आरसीएफ कपूरथला में फ्रंट अगेंस्ट एनपीएसइन रेलवे राष्ट्रीय संयोजक कॉ अमरीक सिंह, एमसीएफ़ पटियाला, पंजाब में जुमेरदीन, उत्तर रेलवे इम्प्लाइज यूनियन केंद्रीय अध्यक्ष उत्तर पूर्व रेलवे में, गोरखपुर में उत्तर पूर्व रेलवे वर्कर्स यूनियन, पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर,मध्यप्रदेश, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़, सी एल डब्ल्यू, चितरंजन, पूर्व रेलवे , हाबड़ा पश्चिम बंगाल, दक्षिण पूर्व रेलवे, हाबड़ा, भुवनेश्वर , उड़ीसा ईस्ट कोस्ट रेलवे इम्प्लाइज यूनियन, पी के महापात्रा, कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन मुम्बई प्रशांत, मध्य रेलवे मुंबई, अखिलेश कुमार, दक्षिण रेलवे पी सुनील कुमार उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर, राजस्थान मे नार्थ रेलवे इम्प्लाइज यूनियन के उम्मीद सिंह चौहान, बी एल बैरवा ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया.

इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन की मांगें

1- सरकार द्वारा सभी रेल कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित करे
2- सभी रेल कर्मचारियों का 50 लाख रुपये का बीमा किया जाये
3- मार्च 2020 के बाद मृतक रेल कर्मचारियों के परिवारों को 50 लाख रुपये एक्सग्रेसिया का भुगतान हो
4- NPS को तुरंत रद्द कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करके PFRDA के पास जमा राशि कर्मचारी को वापिस किया जाये
5-महंगाई भत्ते की बकाया सभी किस्तें जारी किया जाये
6- रात्री ड्यूटी भत्ते पर रु . 43600 / – की लिमिट हटायी जाये
7- भारतीय रेलवे का निजीकरण बंद किया जाये
8-तीनों कृषि कानून और 4 श्रमिक कोड बिल वापस लिया जाये

 

 

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