नई दिल्ली. अगर सब कुछ रेलवे की योजना के अनुसार चलता रहा तो जल्द ही लंबी दूरी की ट्रेनों के जनरल कोच में चलने वालों को झटकों से निजात मिल जायेगी. जनरल कोच में भी एसी का सुकून भरा सफर कम किराया चुका कर यात्री कर सकेंगे. रेलवे का प्रयास जनरल कोचों को वातानुकूलित बनाने का है इस दिशा में काम शुरू हो चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि नये कोच के साथ ट्रेनों की रफ्तार को 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक तक किया जा सकेगा.
हालांकि यह परियोजना पूर्व से प्रस्तावित है लेकिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हर वर्ग के यात्रियों को सुखद अहसास कराने के लिए इस दिशा में तेजी दिखाते हुए कुछ जरूरी कदम उठाये हैं. ऐसा माना जा रहा है कि कुछ ट्रेनों के जनरल कोच को अगले दो-तीन माह में वातानुकूलित कर पटरी पर दौड़ा दिया जायेगा.
कैरेज एंड वैगन विभाग के इंजीनियरों के अनुसार अभी जरनल सेकेंड क्लास कोच में लगभग 96 यात्रियों के बैठने की जगह होती है और इन कोचों पर 2.24 करोड़ की लागत आती है. नये जनरल सेकेंड क्लास कोच को इस तरह डिजाइन किया जायेगा कि इसमें यात्रियों के बैठने की क्षमता को बढ़ाया जा सके. यही नहीं नये कोच को ऐसा बनाया जायेगा कि अधिकतम 150 की स्पीड पर भी उसमें यात्रियों को कोई झटका नहीं लगे.
रेलवे की इस अति महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि उसे दो-तीन माह में प्रयोग के रूप में कुछ ट्रेनों में लागू किया जा सके. ऐसा माना जा रहा है कि इन कोचों में 125 से अधिक यात्रियों के बैठने की जगह होगी. यह कोच रिजर्व सीटों होंगे और सेंसरयुक्त ऑटोमेटिक दरवाजे लगे होंगे.
कपूरथला रेलवे कोच फैक्ट्री में जनरल क्लास एसी डिब्बों का निर्माण कराया जा रहा है. इसमें लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाले जनरल को को वातानुकूलित बनाया जा रहा है. इन जनरल कोचों में यात्री कम कीमत चुकाकर एसी का सुकून ले सकेंगे.
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