- बिचौलिया कैटरिंग कांट्रेक्टर महेश कुमार शर्मा भी एसीबी टीम की गिरफ्त में
कोटा. राजस्थान पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की भरतपुर टीम ने पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय से 31 मार्च 2022 को सीनियर डीसीएम/कोटा अजय कुमार पाल को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. वह 2012 बैच के आईआरटीएस अधिकारी (#IRTS/2012बैच) अधिकारी हैं. उन पर खानपान निरीक्षक, रेलवे स्टेशन, भरतपुर हेमराज मीणा से ₹20,000 की रिश्वत लेने का आरोप है. एसीबी की टीम ने उनके चेंबर की टेबल की दराज से राशि भी बरामद कर ली है. राज्य सरकार की एसीबी टीम ने पहली बार की गयी बड़ी कार्रवाई में रेलवे के किसी बड़े अधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, विशेष शाखा (एसीबी, एसयू), भरतपुर के कार्यालय ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि शिकायतकर्ता हेमराज मीणा, खानपान निरीक्षक, रेलवे स्टेशन, भरतपुर ने एसीबी कार्यालय, भरतपुर में मंगलवार, 29 मार्च 2022 को लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्हें सीनियर डीसीएम/कोटा अजय कुमार पाल द्वारा 16 मार्च .2022 को जो चार्जशीट जारी की गई थी. इसका जवाब उन्होंने 28 मार्च 2022 को भेज दिया था.
अपनी शिकायत में हेमराज मीणा द्वारा बताया गया कि 29 मार्च 2022 को हिंडौन सिटी रेलवे स्टेशन पर कैटरिंग कांट्रेक्टर महेश कुमार शर्मा ने उन्हें फोन करके बताया कि “वह उनकी चार्जशीट सीनियर डीसीएम/कोटा अजय कुमार पाल से कहकर माफ (फाइल) करवा देगा, मगर इस काम के लिए उन्हें ₹20,000 नकद देना पड़ेगा.” बिचौलिए कैटरिंग कांट्रेक्टर शर्मा ने उनसे यह भी कहा कि “वह स्वयं उनके साथ चलकर उक्त रकम सीनियर डीसीएम/कोटा अजय कुमार पाल को दिलवा देगा और उनका काम हो जाएगा.”
शिकायतकर्ता हेमराज मीणा की उक्त लिखित शिकायत का सत्यापन उसी दिन एसीबी द्वारा किया गया, जिसमें दलाल बने कैटरिंग वेंडर महेश कुमार शर्मा द्वारा शिकायतकर्ता हेमराज मीणा को दी गई चार्जशीट को आरोपी अजय कुमार पाल से मिलकर फाइल करवाने की एवज में ₹20,000 रिश्वत की मांग की गई, इसकी पुष्टि हो गई.
उक्त मांग के अनुसरण में गुरुवार, 31 मार्च 2022 को आरोपी दलाल महेश कुमार शर्मा शिकायतकर्ता खानपान निरीक्षक हेमराज मीणा को अपने साथ लेकर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, कोटा पहुंचा और हेमराज मीणा से ₹20,000 रिश्वत राशि लेकर आरोपी अजय कुमार पाल, सीनियर डीसीएम/कोटा को दे दी.
सीनियर डीसीएम पाल ने राशि लेकर जैसे ही टेबल की दराज में रखा, वैसे ही एसीबी की टीम ने चेंबर में घुसकर राशि उनकी दराज से बरामद कर लिया. इसके साथ ही टीम ने परिवादी को जारी की गई चार्जशीट की फाइल भी आरोपी अजय कुमार पाल की टेबल से एसीबी ने अपने कब्जे में ले ली. अजय कुमार पाल एवं महेश कुमार शर्मा दोनों को एसीबी ने अपनी कस्टडी में ले लिया.
सीनियर डीसीएम को ट्रैप करने की कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी, एसयू, भरतपुर महेश मीणा की देखरेख में संचालित की गयी. उनके साथ पुलिस निरीक्षक श्रवण बिश्नोई, हेड कांस्टेबल रीतराम सिंह, कांस्टेबल रितेश कुमार, गंभीर सिंह, परसराम, सत्यपाल और रीडर हरभान सिंह तथा स्वतंत्र गवाहों को रखा गया था.
मालूम हो कि सीनियर डीसीएम/कोटा अजय कुमार पाल पर यह भी आरोप है कि हाल ही में उन्होंने फिटकरी की जगह अघोषित मार्बल पाउडर भेजकर रेलवे को करीब ₹10 करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया है. इसके अलावा सीनियर डीसीएम/कोटा के पद पर रहते हुए पहले ही भ्रष्टाचार के कई आरोप अजय कुमार पाल पर लग चुके हैं लेकिन जोन अथवा बोर्ड स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी थी.
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