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रोहतक : माछरौली स्टेशन अधीक्षक पर जानलेवा हमला करने के आरोपी प्वाइंटसमैन व गेटमैन बर्खास्त

  • अनुशासनिक कार्रवाई में बिना जांच के अजय कुमार व सोमवीर को रेलवे सेवा से किया गया बर्खास्त
  • अपील करने के लिए 45 दिन का मिलेगा मौका, सोशल मीडिया में भड़ास निकाल रहे सहयोगी

रोहतक : नार्दन रेलवे के अंतर्गत माछरौली स्टेशन अधीक्षक शंकर लाल मीना के साथ ड्यूटी अवधि में मारपीट करने के आरोपी प्वाइंटसमैन अजय कुमार और गेटमैन सोमवीर को रेलवे की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. मिली शिकायत और साक्ष्य के आधार पर दोनों रेलकर्मियों के खिलाफ मंडल रेल प्रशासन ने डी एंड ए नियमों का हवाला देते हुए सेवा से मुक्त कर दिया है. रेल प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि मिले सबूत और प्रत्यक्षदर्शी के बयान के बाद इसे मामले में किसी जांच की आवश्यकता नहीं है और दोनों को तत्काल सेवामुक्त किया जाता है. यह आदेश 21 मई को जारी किया गया है.

यहां यह बताना जरूरी होगा कि 16 मई 2021 को माछरौली स्टेशन पर हुई घटना के सात दिन के भीतर ही रेल प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी है. हालांकि आरोपियों पास सेवामुक्त करने के आदेश के 45 दिन के भीतर डीओएम/एम/डीएलआइ के पास अपील करने का मौका रहेगा. हालांकि रेलवे पुलिस ने तीन रेलकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश कर रही है. वहीं रेल प्रशासन ने घटना के बाद तीनों को निलंबित कर दिया था. मालूम हो कि घटना के बाद IRS Officer, Joint Commissioner देव प्रकाश मीना ने डायरेक्ट रेलमंत्री को ट्वीट कर पूरी जानकारी दी थी और तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया था.

21 मई 2021 को आरोपी दोनों रेलकर्मियों की बर्खास्तगी का आदेश जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला फिर से गर्मा गया है. कार्रवाई की जर्द में आने वाले रेलकर्मी के सहयोगी और दूसरे कर्मचारी इसे अनुचित कार्रवाई करार देकर अपनी भड़ास भी निकाल रहे. इस पर लंबी बहस शुरू हो गयी है. रेलकर्मियों का एक वर्ग इसे यूनियन की चूक भी बता रहा हैं और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहा.

सोशल मीडिया पर दिख रहा आक्रोश 

क्या है घटना (भास्कर में प्रकाशित )

रेलवे स्टेशन अधीक्षक को कर्मचारियों को ड्यूटी करने का सलीका और नियम कायदा समझाना महंगा पड़ गया. गुस्से में आए कर्मचारियों ने स्टेशन अधीक्षक पर जानलेवा हमला करके उनका सिर फोड़ दिया. लाठी-डंडों से उसकी एक टांग तोड़ दी. रेलवे प्रशासन ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर दिया है. अभी तीनों ही फरार हैं. यह पूरा मामला झज्जर जिले के माछरौली रेलवे स्टेशन का है.

मूलरूप से जयपुर के आमेर थाना स्थित हरबर गांव निवासी शंकरलाल पुत्र नानकराम झज्जर के गांव माछरौली रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक हैं. शंकरलाल यहां लोकल कर्मचारियों के व्यवहार से परेशान हैं. रविवार सुबह कांटा मैन अजय कुमार ने शंकरलाल से कहा कि उसका दोस्त उससे मिलने आया है. वह कुछ मिनट में स्टेशन पर आ जाएगा.

शंकरलाल ने ड्यूटी पर मौजूद अजय कुमार को ना चाहते हुए भी जाने को कहा. यह भी कहा कि जल्द लौट आए. बताया गया कि 3 घंटे बाद भी जब अमित नहीं आया तो एसएस ने उसे फोन कर बुलाकर फटकार लगाई कि यह रवैया ठीक नहीं है. साथ ही शंकरलाल ने यह भी कहा कि वह इसकी शिकायत रेलवे के ट्रैफिक इंस्पेक्टर को भी करेंगे. शंकरलाल ने जीआरपी को दिए बयान में कहा कि इसके बाद अमित गुस्से से पैर पटकते हुए चला गया.

दोपहर करीब साढ़े 3 बजे कार से जब वापस आया तो उसके साथ कर्मचारी कांटा मैन सोमबीर और एक और गैंगमैन साथ था. इन तीनों ने ही उसके ऊपर जानलेवा हमला किया. ऑफिस में तोड़फोड़ कर दी. हमले में एसएस शंकरलाल का सिर फट गया. लाठी-डंडों से उनकी एक टांग टूट गई. इसकी सूचना लहूलुहान शंकरलाल ने किसी तरह अपने अफसरों को दी. रेलवे प्रशासन ने तीनों ही कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है.

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