नई दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे के लिए स्टार्टअप का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह प्लेटफार्म रेलवे से जुडने का अच्छा अवसर होगा. कार्यक्रम के प्रथम चरण के लिए रेलवे के विभिन्न मंडलों, क्षेत्रीय कार्यालयों, जोनों से प्राप्त 100 से अधिक समस्या विवरणों में से 11 समस्या विवरण जैसे रेल फ्रैक्चर, हेडवे कमी आदि को लिया गया है. भारतीय रेलवे ने परिचालन चुनौतियों- हेड-वे में सुधार, ट्रैक स्वच्छता, फ्रैक्चर रेल की पहचान आदि से निपटने के लिए स्टार्टअप से नवाचार (इनोवेशन) नीति जारी की है. इसके तहत इनोवेशन पोर्टल लांच किया गया है.
Startups for Railways. pic.twitter.com/yDKDN6Cqy6
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) June 13, 2022
रेल मंत्री ने स्टार्टअप से इसका उपयोग करने की अपील की है. 50 प्रतिशत पूंजी अनुदान, बाजार, पैमाने और पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में भारतीय रेलवे से समर्थन किया. रेलवे के आंशिक अनुदान देगी. यह नीति बहुत बडे और अप्रयुक्त स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की भागीदारी के माध्यम से संचालन, रखरखाव और बुनियादी ढांचे के निर्माण के क्षेत्र में दक्षता लाएगी. रेलवे में अलग-अलग तकनीकि को अपग्रेड करने के लिए और नए व्यवस्थएं लाने के बारे में बताता है. मई माह में क्षेत्रीय इकाइयों को समस्याए क्षेत्र उपलबध कराने के लिए कहा गया था. अब तक 160 समस्या विवरण प्राप्त हो चुके हैं.
लान्च किया गया वेबसाइट – www.innovation.indianrailways.gov.in
शुरूआती दौर में रेलवे ने नई नवाचार नीति के माध्यम से से निपटने के लिए 11 समस्याओं के विवरण की पहचान की गई है, जिसमें समस्याएं इस प्रकार से है- टूटी हुई रेल जांच प्रणाली, रेल तनाव निगरानी प्रणाली, भारतीय रेलवे के साथ इंटरआपरेबल उपनगरीय खंड के लिए हेडवे सुधार प्राणाली राष्ट्रीय एटीपी प्रणली, ट्रैक निरीक्षण गतिविधियों का स्वचालन, हैवी हॉल फ्रेट वैगनों के लिए बेहतर इलास्टोमेरिक पैड का डिजाइन, 3-फेज इलेक्ट्रिक इंजनों के ट्रैक्शन मोटर्स के लिए ऑनलाइन कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम का विकास, नमक जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए हल्के वैगन, यात्री सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल डेटा का उपयोग करके विश्लेषणात्मक उपकरण का विकास, ट्रैक सफाई मशीन, प्रशिक्षण के बाट के संशोधन और स्वयं सेवा पुनश्चर्या पाठयक्रमों के लिए ऐप, पुल निरीक्षण के लिए रिमोट सेंसिंग, जियोमैटिक्स और जीआईएस का उपयोग.
प्रथम चरण में 11 जरूरतों को किया गया शामिल
1. ब्रोकेन रेल डिटेक्शन सिस्टम
2. रेल स्ट्रेस मानिटरिंग सिस्टम
3. उपनगरीय खंडों के लिए हेड-वे इम्प्रूवमेंट सिस्टम
4. ट्रैक निरीक्षण गतिविधियों के लिए आटोमेशन
5. भारी माल की ढुलाई के लिए वैगन के लिए सुपिरियर इलास्टोमेरिक पैड की डिजाइन
6. तीन फेज के इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के टैक्शन मोटर के लिए आनलाइन कंडीशन मानिटरिंग सिस्टम का विकास
7. नमक जैसी सामग्री की ढुलाई के लिए हल्के वजन के वैगन
8. यात्री सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल डेटा का उपयोग
9. ट्रैक क्लीनिंग मशीन
10. पोस्ट ट्रेनिंग रिवीजन एवं सेल्फ सर्विस रिफ्रेशर कोर्स के लिए एप
11. पुल निरीक्षण के लिए रिमोट सेंसिंग जियोमेटिक्स एवं जीआइएस का उपयोग
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