जबलपुर. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल अंतर्गत मैहर स्टेशन में पमरे के चल लेखा निरीक्षकों ने एक ऐसा मामला पकड़ा है, जिसमें स्टेशन प्रशासन और ठेकेदार की संगामित्ती से सफाई व्यवस्था के नाम पर रेलवे को लाखों की चपत लगाने का मामला सामने आया है. जांच में पता चला कि 135 सफाई कर्मी पिछले 4 माह से गायब रहे, लेकिन उनका पूरा बिल निकलता रहा. ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
बताया जाता है कि जबलपुर से चल लेखा निरीक्षकों की टीम निरीक्षण पर निकली, उसने मैहर स्टेशन पर बुकिंग, आरक्षण एवं सफाई ठेके की भी जाँच की गयी, जिसमें यह संज्ञान में आया की माह जून से अक्टूबर के मध्य कुल 135 सफाई कर्मचारी अनुपस्थित रहे, जिनके दंडात्मक प्रभार की राशि 67 हजार 500 रुपए की कटौती ठेकेदार के बिल से नहीं की गयी, जिसे ठेकेदार द्वारा स्वीकार किया गया है.
ट्रेन की भी जांच
पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मंडल में सहायक वित्त सलाहकार यातायात के नेतृत्व में चल लेखा निरीक्षकों द्वारा ट्रेन क्रमांक 11081 लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेस एवं 12321 हाबड़ा-क्षत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मेल की जबलपुर से मैहर एवं मैहर से जबलपुर के मध्य ओ.बी.एच.एस., पेंट्रीकार, कोच अटेंडेंट एवं यात्री सुविधाओं से सम्बंधित सघन जाँच की गयी. जिसमें चल टिकट परीक्षकों की मदद से 134 प्रकरण बनाये गए तथा 68040 रुपये राजस्व की वसूली की गयी.
सभार पलपल इंडिया
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