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रेलमंत्री जी, हद कर दी आपने, अब ‘लोकल’ को भी बना दिया ‘स्पेशल’

  • बेदला नागरिक समिति ने जताया विरोध, स्टेशन मास्टर को सौंपा पत्र
  • नयी बोतल में पुरानी शराब को महंगी कीमत पर परोस रहा रेलवे 

अमितेश कुमार ओझा , खड़गपुर

कोरेाना के नाम पर पुरानी ट्रेन को ही स्पेशल बताकर चलाने वाला रेलवे यात्रियों की सुविधा की भले ही दुहाई दे रहा है लेकिन उसकी यह दलील अब यात्रियों को रास नहीं आ रही . नयी बोतल में पुरानी शराब की तर्ज पर ट्रेनों को स्पेशल बनाने में जुटे रेलवे ने हद तब कर दी जब लोकल पैसेंजर ट्रेनों को भी स्पेशल बताकर चलाये जाने की घोषणा कर दी गयी. रेलवे की इस पहल का सबसे कड़ी प्रतिक्रिया उन दैनिक यात्रियों ने की है जो लोकल ट्रेनों का हिस्सा है. जिनके जीवन का अहम हिस्सा ये लोकल ट्रेनें है जिन पर उनके जीवन की गाड़ी दौड़ती है. ऐसे लोगो की टिप्पणी है कि रेलवे नयी बोतल में पुरानी शराब को महंगी कीमत पर परोस रहा है, वह भी यात्रियों की सुविधा बताकर.

रेलमंत्री के रूप में पीयूष गोयल की विदाई और अश्विनी वैष्णव के आने के बाद सामान्य जनमानस में यह उम्मीद जगी कि अब सब कुछ ठीक हो जायेगा और कम से कम स्पेशल के नाम पर पुरानी व्यवस्था वाली ट्रेनों का चलाकर जो भार उन पर डाला गया उसे वापस ले लिया जायेगा. तब तक आम लोग यह मानकर चल रहे थे कि गोयल रेलवे का लाभ दिलाने की वाहवाही बटोरने में कोरोना के नाम पर स्पेशल ट्रेनों के नाम पर यात्रियों को निचोड़ने में जुटे हैं.

रेलमंत्री के रूप में अविश्नी वैष्णव के आने के बाद बहुत कुछ बदल जायेगा और उन्हें पुरानी सुविधा पर नयी कीमत के बोझ से मुक्ति मिल जायेगी. हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ. अविश्नी वैष्णव के रेलमंत्री बनने के बाद भी रेलवे की इस रणनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ. उल्टे अब गरीब जनता की पहचान मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों को भी स्पेशल बना दिया जिनमें सुविधा के नाम पर कोई अतिरिक्त व्यवस्था नहीं है. सिर्फ स्पेशल के नाम पर यात्रियों से अतिरिक्त किराया की वसूली की जायेगी और वह भी यह बताकर कि ट्रेन चलाकर बड़ा अहसान रेलवे आम यात्रियों पर कर रहा है.

खड़गपुर तहसील के बेलदा की नागरिक संस्था बेलदा रेल यात्री व नागरिक कल्याण समिति ने रेलवे के इस रवैया को गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए आवाज बुलंद की है. शनिवार को बेलदा स्टेशन मास्टर को इसे लेकर विरोध जताते हुए पत्र सौंपा गया. समिति के अध्यक्ष प्रदीप दास, तुषार जाना, गौर शंकर प्रधान, सुशांत पाणिग्रही तथा मानस प्रधान आदि ने कहा कि 9 नवंबर से बेलदा-हावड़ा लोकल, 12 नवंबर से जाजपुर-खड़गपुर पैसेंजर ट्रेन,भद्रक-हावड़ा लोकल ट्रेन चालू होने की बात कही गयी है. लेकिन हम भद्रक-हावड़ा लोकल ट्रेन को स्पेशल ट्रेन के नाम से चलाने का कड़ा विरोध करते हैं. खड़गपुर-भद्रक संभाग के रेल यात्रियों की यह ट्रेन बड़ा सहारा है. इसे स्पेशल बता कर चलाना गलत होगा. इसका परिचालन पूर्व की भांति फास्ट पैसेंजर ट्रेन के रूप में ही किया जाना चाहिए.

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