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डीए बहाली से रेल कर्मचारी में खुशी लेकिन एरियर्स सहित अन्य मांगों के लिए जंग जारी रहेगी : कॉ. सर्वजीत सिंह

  • IREF द्वारा 1 जुलाई से 15 जुलाई तक़ जारी अभियान डीए बहाली की सफलता के साथ पूरा

पुनीत सेन, प्रयागराज

आज इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन सम्बद्ध ऐक्टू ने देश भर में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से कोविड दिशा निर्देश का पालन करते हुए 1 जुलाई से 15 जुलाई तक़ जारी अभियान के आखिरी दिन डी ए बहाली की खुशी जाहिर करते हुए एरियर्स सहित अन्य मांगों के लिए जारी रखने का एलान करते हुए सम्पन्न किया.

इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन केंद्रीय महासचिव कॉ. सर्वजीत सिंह ने कहा कि 1 जुलाई से 15 जुलाई तक़ लगातार मंहगाई भत्ते (DA)की किस्तें एरियर समेत बहाल करने का हम जो अभियान चला रही थे. वो आज सरकार द्वारा रेलवे सहित केंद्रीय कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता बहाल करने की खुशी के साथ सम्पन्न हुआ.कर्मचारियों में डी ए बहाली की ख़ुशी है. लेकिन एरीयर्स स्पष्ट नही होने से निराशा भी है इसीलिए एरियर्स सहित अन्य मांगों के लिए आगे की जंग अभी जारी रहेगी.

इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन लगातार रेलवे कर्मचारियों के हित में हमेशा संघर्ष करता रहा है. आगे भी पुरानी पेंशन बहाली. नाइट ड्यूटी अलाउंस से 43600 रुपए की सीलिंग हटवाने हेतु. रेलवे के निजीकरण. निगमीकरण. ट्रैकमैन को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाने तथा अन्य विभागों की तरह ट्रैकमैन कैडर रिस्ट्रक्चरिंग लागू करवाने के लिए, शहीद रेल कर्मचारियों को कोरोना वैरियर्स घोषित करने के साथ ही सभी रेल कर्मचारियों का निःशुल्क 50 लाख रुपए का बीमा करने लिए. आठ घंटे का ड्यूटी रोस्टर लागू करने के लिए, एक्ट अप्रेंटिस को रेल में समायोजित करने के लिए, आयकर की सीमा 10 लाख किया जाए तथा रनिंग अलाउंस को आयकर मुफ्त करने, SSE. Ch. OS तथा इसके समकक्ष स्टाफ़ को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा देने, 1800 ग्रेड पे में कार्यरत कर्मचारियों को 1900 में अपग्रेड करने, MACP के तहत तीन के बजाए पांच पदोन्नति करते हुए इनका अंतराल क्रमशः 10. 20 व 30 वर्ष के बजाए 5.10 व 15 कराने के लिए, रेलवे में तत्काल भर्ती शुरू करवाने सहित अन्य मांगो के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.

ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव डॉ कमल उसरी ने कहा इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन अपने जन्मकाल से ही संघर्ष के लिए जाना जाता है. जो लोग कहते फिरते है कि संघर्ष से कुछ नहीं होता है उन्हें I R E F के संघर्ष से न सिर्फ़ सीखना चाहिए बल्कि I R E F के संघर्ष से रेलवे कर्मचारियों के हित में हो रहे फैसले को नोटिस करते हुए IREF के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बड़े संघर्ष के लिए एकता बनानी चाहिए. यक़ीनन जब रेलवे में मान्यता प्राप्त फेडरेशन सरकारी फेडरेशन बनकर सरकार के साथ गलबहियां कर रही हो ऐसे दौर में मेहनतकश संघर्षशील नौजवान रेल कर्मचारियों के बल पर संघर्षकारी फेडरेशन की पहचान के साथ इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन लगातार संघर्ष का इतिहास बना रहा है. हमारी हमेशा कोशिश रही है कि रेलवे में संघर्षशील ताकते एक साथ एक जुट होकर संघर्ष की मशाल को बुलंद करें और इसी संघर्ष का यह नतीजा भी है कि केन्द्र सरकार डी ए बहाल करने को मजबूर हुई है. हम इस जीत से ऊर्जा प्राप्त करके आगे के संघर्ष को जारी रखेंगे.

आर सी एफ़. कपूरथला, एम डी एफ़. पटियाला, एम सी एफ़. राय बरेली, सीएलडब्लू. चितरंजन, वी एल डब्ल्यू. वाराणसी, उत्तर रेलवे नई दिल्ली जोन, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर जोन, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज जोन, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर जोन, पूर्व रेलवे कोलकाता जोन, दक्षिण पूर्व रेलवे कोलकाता जोन, ईस्ट कोस्ट रेलवे भुवनेश्वर जोन, पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर,उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर इत्यादि जोन में कार्यक्रम किया गया.

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