Connect with us

Hi, what are you looking for?

Rail Hunt

ताजा खबरें

रेलवे के इस बदलाव में ट्रेनों को मिलेगा 225 किमी की रफ्तार, कोरिया से आ रही तकनीक

नई दिल्ली. भारतीय रेलवे अपने कोचों की तकनीक में बदलाव कर उसे रफ्तार देने की तैयारी में है. इसके लिए दक्षिण कोरिया की कंपनी Dawonsys के साथ 128 करोड़ रुपये का समझौता किया गया है. इसमें मेट्रो कोच के डिब्बे भी शामिल हैं. दक्षिण कोरिया की कंपनी डिजाइन शेयर करेगी. एल्युमीनियम से निमिर्त कोच को बाद में रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री (Modern Coach Factory) में बनाया जायेगा. कोलकाता मेट्रो के अलावा इन कोचों का इस्तेमाल राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में होगा.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह तकनीक कोरिया से देश को मिलेगी. इसमें 3 स्टैंडर्ड गेज मेट्रो कोच में दो ड्राइवर मोटर कार्स और एक ट्रेलर कोच होगा जिनकी रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है. इस कॉन्ट्रैक्ट में 8 ब्रॉड गेज लोकोमोटिव हॉल्ड कोच बनाने का प्रावधान होगा. इनमें 3 एसी-3 टियर स्लीपर कोच, 2 एसी-2 टियर स्लीपर्स, 1 एसी-1 स्लीपर, 1 एसी हॉट बफे कार और ड्राइवर/गार्ड कैबिन के साथ 1 एसी डीएसएलआर शामिल है. वहीं राजधानी की तरह के इन स्लीपर कोचेज की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे तक होगी. 8 कोचों में से 4 पूरी तरह असेंबल्ड स्थिति में आएंगे और बाकी को यहीं बनाया जायेगा.

कोरियाई कंपनी के अधिकारी एमसीएफ के अधिकारियों को इसकी ट्रेनिंग देंगे. इसके बाद देश में ही सेल्फ प्रॉपेल्ड एल्युमीनियम कोच को डिजाइन किया जायेगा. इस कोच को इनकी 225 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक दौड़ाया जा सकेगा. इससे एमसीएफ को शताब्दी स्टाइल के कोच बनाने में मदद मिलेगी. अनुमान है कि इससे रेलवे को देश के प्रमुख शहरों को चेयर कार ट्रेन सर्विसेज से जोड़ने में मदद मिलेगी. ये कोच स्टेनलेस स्टील कोच की तुलना में हल्के होंगे और लागत भी कम आयेगी. जंग नहीं लगने के कारण इनका अधिक से अधिक इस्तेमाल भी किया जा सकेगा. जरूरत पड़ने पर इसके डिजाइन में भी बदलाव किया जा सकेगा. डिजाइन के कारण दुर्घटना में नुकसान की कम से कम आशंका है.

रेलवे बोर्ड ने एमसीएफ में जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार होने के बाद 500 एल्युमीनियम कोच बनाने की मंजूरी दी है. एल्युमीनियम के नए कोच शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस को कोचों से ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित होंगे. एक्सटीरियर और इंटीरियर में भी ये बेहतर होंगे. एल्युमीनियम कोच बनाने की तकनीक और क्षमता मिलने के बाद रेलवे की कार्यक्षमता में एक और इजाफा हो जायेगा. रेलवे अभी स्टेनलेस स्टील के कोच ही बनाती है.

Spread the love

You May Also Like

ताजा खबरें

सबसे अधिक पद नॉदर्न रेलवे में 2350 किये जायेंगे सरेंडर, उसके बाद सेंट्रल रेलवे में 1200 ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी के पद सरेंडर...

गपशप

डीआईजी अखिलेश चंद्रा ने सीनियरिटी तोड़कर प्रमोशन देने का लगाया आरोप नई दिल्ली. रेलवे सुरक्षा बल में अपने सख्त व विवादास्पद निर्णय के लिए...

ताजा खबरें

मोदी सरकार के शपथ ग्रहण के दिन ही जारी लखनऊ डीआरएम ने दिया टारगेट विभागों के आउटसोर्स करने से खाली पदों पर सरेंडर करने...

विचार

राकेश शर्मा निशीथ. देश के निरंतर विकास में सुचारु व समन्वित परिवहन प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वर्तमान प्रणाली में यातायात के अनेक साधन,...