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मैं उड़ीसा का नहीं भारत का आदमी हूं : रेल जीएम

मैं उड़ीसा का नहीं भारत का आदमी हूं : रेल जीएम
  •  दक्षिण पूर्व रेलवे के जीएम पीएस मिश्रा ने झारसुगुड़ा से बंडामुंडा तक किया निरीक्षण 
  • राजगांपुर में ओडिया भाषी और ओडिशा के विकास पर बंद किया सबका मुंह
  • कई जगह उदघाटन और शिलान्यास रेलकर्मियों से कराकर शुरू की नयी परंपरा   
मैं उड़ीसा का नहीं भारत का आदमी हूं : रेल जीएम
झारसुगुड़ा स्टेशन पर निरीक्षण करते जीएम पीएस मिश्रा

राउरकेला से मलय. दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक पीसी मिश्रा ने मंगलवार 8 जनवरी को झारसुगुड़ा से बंडामुंडा तक रुटीन निरीक्षण किया.निरीक्षण के क्रम में राजगांगपुर में रेल जीएम पीएस मिश्रा के एक जवाब से सभी हतप्रभ रहे गये जब उन्होंने ओडिशा के स्थानीय निवासी होने के कारण ओडिया क्षेत्र के सम्यक विकास की मांग को खारिज करते हुए कहा कि वे भारत के आदमी है और सभी देशवासी व क्षेत्र विकास के मानक पर उनके लिए समान है. राजगांगपुर में जीएम से मिलने आये स्थानीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल को जीएम से ऐसे जबाव की उम्मीद शायद  न थी लेकिन जीएम पीएस मिश्रा के एक जबाव ने उनके सहकर्मी रेलकर्मियों को गहरे तक प्रभावित किया. 

घर से भूंजा लाकर खिलाया, प्यार से सबने खाया 

रेलवे महाप्रबंधक के दौरे के क्रम में एक क्षण तब आया जब अचानक एक व्यक्ति जीएम के सामने आया और बताया कि उसने उनके लिए भूंजा घर से भूंजकर लाया है, अनुरोध किया कि वह उसे स्वीकार करें, सहज दिल अजीज जीएम पीएस मिश्रा ने न सिर्फ उस व्यक्ति के प्यार को स्वीकार कर भूंजा खाया बल्कि अपने सहयोगी रेलवे पदाधिकारियों को भी उस प्यार में हिस्सेदारी सुनिश्चित करायी. रेलवे जीएम के इस व्यवहार ने सबका दिल जीत लिया.

मैं उड़ीसा का नहीं भारत का आदमी हूं : रेल जीएम
स्टेशन पर निरीक्षण करते जीएम पीएस मिश्रा

अपने एकदिवसीय दौरे पर जीएम पीसी मिश्र ने झारसुगुड़ा में नव निर्मित रेलवे स्टाफ क्वार्टर बिल्डिंग का उद्घाटन किया. उक्त बिल्डिंग में कुल 28 क्वार्टर है. यहां उन्होंने पौधरोपण भी किया. आरपीएफ बैरक में जीएम को जवानों ने गार्ड ऑफ आनर्स की सलामी दी. यहां जीएम ने वायरलेस फुटबाल मैदान के चहारदीवारी की आधारशिला रखी तो नवनिर्मित रनिंगरुम का उद्घाटन एक महिला कर्मचारी के हाथों कराया. 

निरीक्षण में राउरकेला, पानपोष, सोनाखान, बंडामुंडा आदि स्टेशनों पर जीएम ने यात्री सुविधा देखी और स्थानीय लोगों से बात भी की. जीएम ने राउरकेला चैंबर की मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया और कहा कि वह एम माह के भ्रीतर चैंबर में आकर रेलवे की समस्याओं पर विचार करेंगे.

बंडामुंडा एआरएम कार्यालय पहुंचकर भावुक हुए जीएम

बंडामुंडा पहुंचने के बाद महाप्रबंधक ने एआरएम कार्यालय का जायजा लिया. जीएम ने सबसे अधिक समय यहां बिताया. पीसी मिश्र ने रेलवे में अपने करियर की शुरुआत बतौर बंडामुंडा एआरएम 1986 में शुरू की थी. वे 1987 तक यहां एआरएम रहे. यहां जीएम ने अपने पदाधिकारियों से बातचीत में इस बात का जिक्र किया और हर स्थान को घूम-घूम कर देखा. यहां जीएम काफी भावुक नजर आये. यहां जीएम ने सेल्फी ¨खिचवाकर सभी को नये साल की शुभकामना दी. जीएम ने मीडियाकर्मियों के साथ भी सेल्फी ली. बंडामुंडा में नवनिर्मित इलेक्ट्रिक शेड तथा ई व जे केबिन का उद्घाटन इलेक्ट्रिक शेड से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये कराया. दोनों केबिन के चालू होते ही रेलवे को 70 लीवर से छुटकारा मिल गया जिसे ऑपरेट करने में रेलकर्मियों वक्त लगता था. इन केबिन के शुरू होने से अब रेलकर्मी कम समय में ज्यादा काम कर पाएंगे तथा ट्रेनों के आवागमन की रुकावट भी न्यूनतम हो जाएगी. रेलवे महाप्रबंधक ने इन दोनों केबिन का उद्घाटन खुद करने की जगह पीएमए विभाग के कर्मचारी रंजीत सिंह से कराया. 

रेल जीएम के इस दौरे में डीआरएम छत्रसाल सिंह, सीनियर डीसीएम भास्कर, सीनियर डीओएम सत्यम प्रकाश, आरपीएफ आईजी शरतचंद्र पाढ़ी के अलावा सभी आला अधिकारी मौजूद थे.

 

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मैं उड़ीसा का नहीं भारत का आदमी हूं : रेल जीएम

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