Connect with us

Hi, what are you looking for?

Rail Hunt

ताजा खबरें

सिग्नलिंग में इंस्टाल होगा यूरोपियन मॉडल ETCS LEVEL 2, ट्रेनों की स्पीड 250 KMPH तक बढ़ेगी : चेयरमैन

  • संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को उच्च स्तरीय ट्रेनिंग देकर ‘स्मार्ट’ बनाने की है तैयारी
  • एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन के पदाधिकारियों की मांगों पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने जतायी सहमति
  • एसएंडटी स्टाफ (सिग्नल और टेलीकॉम कर्मचारी) के सभी कर्मियों को रिस्क व हार्डशीप अलाउंस देने की मांग
  • एक यूटिलिटी व्हीकल नाईट ड्यूटी फेलियर गैंग को दिया जाएगा, ताकि साइट तक पहुंचाने में परेशानी ना हो 

रेलहंट ब्यूरो, नई दिल्ली

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार ने कहा है कि एसएंडटी विभाग में क्रांतिकारी परिवर्तन होने जा रहा है. आने वाले कुछ सालों में सिग्नलिंग का नक्शा बदल जायेगा. रेलवे सिग्नलिंग सिस्टम में यूरोपियन मॉडल पर ETCS LEVEL 2 इंस्टाल करने जा रही है, जिसमें ट्रेन की स्पीड 250 KMPH तक होगी. इसमें S&T विभाग की भूमिका अहम होगी. इसलिए संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को उच्च स्तर की ट्रेनिंग की वयवस्था कर उन्हें स्मार्ट कर्मचारी बनाने की तैयारी की जा रही है. इस दिशा में हम आगे बढ़ रहे है और जल्द ही परिणाम दिखने लगेगा.

चेयरमैन इंडियन रेलवे एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन के अध्यक्ष नवीन कुमार की अगुवाई में उनसे मिलने गये प्रतिनिधिमंडल से बात कर रहे थे. चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन के मुद्दों पर बातचीत में यूनियन के पदाधिकारियों की सलाह ली और उसे समय के साथ अम्लीजामा पहनाने का आश्वासन दिया. इस मौके पर AM Signal राजीव शर्मा ने कहा कि नाईट ड्यूटी फेलियर गैंग की स्थापना के लिए जरूरी दिशानिर्देश बहुत ही जल्द जारी किया जा रहा है और एक यूटिलिटी व्हीकल नाईट ड्यूटी फेलियर गैंग को दिया जाएगा, ताकि उन्हें फेलियर साइट तक पहुंचाने में परेशानी ना हो.

IRSTMU के महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने एसएंडटी स्टाफ (सिग्नल और टेलीकॉम कर्मचारी) दोनों के लिए, सभी सहायक (एसएंडटी), सभी तकनीशियन (एसएंडटी), सभी जेई (एसएंडटी) और सभी एसएसई (एसएंडटी) के लिए जोखिम और कठिनाई भत्ता दिये जाने की मांग की. उन्होंने यह भी बताया कि टेलीकॉम कर्मचारियों की कार्य प्रकृति बहुत कठिन है और हमारे टेलीकॉम कर्मचारी डिजास्टर मैनेजमेंट टीम के रूप में काम कर रहे हैं और यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो टेलीकॉम स्टॉफ को पहले दुर्घटना स्थलों पर संचार प्रणाली को बहाल करना होता है जहां सभी चीजें नष्ट हो चुकी होती हैं. इसलिए टेलीकॉम स्टाफ का काम भी एआरटी में हाई रिस्क और हार्डशिप का है, सिग्नल स्टाफ की तरह टेलीकॉम स्टाफ दोनों को रिस्क और हार्डशिप अलाउंस दिया जाना चाहिए.

हमारे टेलीकॉम कर्मचारी डिजास्टर मैनेजमेंट टीम के रूप में काम कर रहे हैं और यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो टेलीकॉम स्टॉफ को पहले दुर्घटना स्थलों पर संचार प्रणाली को बहाल करना होता है जहां सभी चीजें नष्ट हो चुकी होती हैं. इसलिए टेलीकॉम स्टाफ का काम भी एआरटी में हाई रिस्क और हार्डशिप का है, सिग्नल स्टाफ की तरह टेलीकॉम स्टाफ दोनों को रिस्क और हार्डशिप अलाउंस दिया जाना चाहिए.

आलोक चंद्र प्रकाश, महासचिव, IRSTMU

राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने रेलवे बोर्ड चेयरमैन के सामने सहायकों को तकनीशियनों (एसएंडटी) में पदोन्नति के अवसर बढ़ाने की मांग की. इसके अलावा ग्रुपा डी सहायक/हेल्पर से ग्रुप बी ADSTE तक मात्र नौ साल में पदोन्नति का रास्ता खोले जाने की मांग की गई. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भुवनेश त्रिपाठी ने सहायकों को प्रारंभिक प्रशिक्षण का प्रस्ताव दिया है. चेन्नई के गणेश ने तकनीशियनों को और अधिक पदोन्नति के अवसरों को खोलने का मुद्दा उठाया है और सुझाव दिया है कि सभी तकनीशियनों (एसएंडटी) को तकनीशियन के रूप में तीन साल के अनुभव के बाद एलडीसीई कोटा से ADSTE बनने के योग्य बनाया जाना चाहिए. आगरा के बीएल मीना ने सुझाव दिया है कि एसएंडटी विभाग में अच्छी गुणवत्ता के उपकरण लगाए जाने चाहिए, जिनका जीवन चक्र अधिक और विश्वसनीय हो.

यह भी पढ़ें : विश्व स्तरीय ETCS Level-2 तकनीक को अपनाने वाला पहला जोन होगा पश्चिम रेलवे : वंदना

रेवती रमण ने भारतीय रेलवे के खर्च को बचाने के लिए S&T विभाग को संचालन पैनल के संचालन की मांग की है. राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष महबूब सांधी ने सुझाव दिया है कि सभी एसएंडटी तकनीशियनों का प्रारंभिक मूल वेतन 4200 / – किया जाना चाहिए. इसके अलावा महासचिव आलोक ने सुझाव दिया है कि केवल तकनीकी रूप से सक्षम व्यक्तियों को एसएंडटी विभाग में नियुक्त किया जाना चाहिए और विकलांग व्यक्तियों को सिग्नल विभाग में नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए. एसएडंटी विभाग के कर्मचारियों को भी दूसरे विभाग की LDCE परीक्षा में बैठने का समान अवसर दिया जाना चाहिए. इस अलावा ईएस एम-1 की 15 सीधी भर्ती की खाली सीटों पर तत्काल नियुक्ति की शुरुआत किये जाने की मांग की गई. इस अवसर पर नई दिल्ली के सुधीर कुमार, पुरानी दिल्ली के जेपी मेहता तथा अहमदाबाद के मनमोहन कुमार भी उपस्थित हुए.

आधारित समाचार में किसी सूचना अथवा टिप्पणी का स्वागत है, आप हमें मेल railnewshunt@gmail.com या वाट्सएप 6202266708 पर अपनी प्रतिक्रिया भेज सकते हैं.

Spread the love

You May Also Like

ताजा खबरें

सबसे अधिक पद नॉदर्न रेलवे में 2350 किये जायेंगे सरेंडर, उसके बाद सेंट्रल रेलवे में 1200 ग्रुप ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी के पद सरेंडर...

गपशप

डीआईजी अखिलेश चंद्रा ने सीनियरिटी तोड़कर प्रमोशन देने का लगाया आरोप नई दिल्ली. रेलवे सुरक्षा बल में अपने सख्त व विवादास्पद निर्णय के लिए...

ताजा खबरें

मोदी सरकार के शपथ ग्रहण के दिन ही जारी लखनऊ डीआरएम ने दिया टारगेट विभागों के आउटसोर्स करने से खाली पदों पर सरेंडर करने...

विचार

राकेश शर्मा निशीथ. देश के निरंतर विकास में सुचारु व समन्वित परिवहन प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वर्तमान प्रणाली में यातायात के अनेक साधन,...