ताजा खबरें न्यूज हंट रेल मंडल रेलवे यूनियन

चक्रधरपुर : भालुलता में आजाद हिंद के चालक ने सिग्नल तोड़ा, तीन सस्पेंड

  • ट्रेन को वापस स्टेशन पर लाया गया, तीन घंटे तक खड़ी रही ट्रेन
  • चालक के साथ सहचालक और लोको इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई

रांची. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेलमंडल के राउरकेला-चक्रधरपुर सेक्शन पर सोमवार की रात भालुलता स्टेशन के समीप आजाद हिंद एक्सप्रेस के चालक ने संरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए सिग्नल को ओवरसूट कर दिया. सिग्नल से आगे बढ़ जाने के बाद ट्रेन को चालक ने रोका. यह सूचना मिलते ही चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय में अधिकारी सकते में आ गये. आनन-फानन में ट्रेन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गयी. राउरकेला के चालक  एमसी दास  समेत सहचालक वी उरांव और लोको इंस्पेक्टर एन सी बेहरा को भी निलंबित कर दिया गया है. सिग्नल ओवरसूट करने के बाद 12129 आजाद हिंद एक्सप्रेस को बैक कर वापस भालुलता स्टेशन पर लाया गया.

ट्रेन चालक को तत्काल डयूटी से मुक्त करने की कार्रवाई करते हुए मालगाड़ी चालक को डयूटी पर तैनात करने के आदेश दिये गये. हालांकि नये चालक के आने तक आजाद हिंद एक्सप्रेस भालुलता स्टेशन पर तीन घंटे तक खड़ी रही. भालूलता से मालगाड़ी चालक ने ट्रेन को टाटा तक पहुंचाया.

इधर, रेलमंडल के वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी एके अग्रवाला देर रात तक कंट्रोल में जमे हुए थे. ट्रेन को आगे की ओर रवाना करने के लिए दूसरे चालक को बुलाया गया था. रात 12.40 तक ट्रेन भालुलता स्टेशन पर खड़ी थी और यात्री अनहोनी की आशंका को लेकर परेशान थे. बाद में ट्रेन को विलंब से तीन घंटे विलंब से रवाना किया गया. यह ट्रेन रात 2.17 बजे चक्रधरपुर और रात 3.30 बजे टाटा पहुंची. आजाद हिंद का टाटानगर में निर्धारित समय रात 11.55 बजे है.

घटना के बारे में जानकारों का कहना है कि भालूलता में एडवांस स्टार्टर पर चालक ने पीला सिग्नल देखा था, उसके अनुसार वह गाड़ी को धीरे-धीरे सावधानी से आगे बढ़ा रहा था  तभी स्टेशन मास्टर की ओर से ग्रीन सिग्नल दिया गया, इससे चालक को यह आभास हुआ कि आगे लाइन क्लियर है और उसने ट्रेन की रफ्तार को तेज कर दी. अचानक सामने डेंजर सिग्नल दिखाई देने के बाद चालक ने तत्परता से ट्रेन को रोकने का प्रयास किया हालांकि तेज रफ्तार ट्रेन तब तक डेंजर सिग्नल पार कर चुकी थी. चालक ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी और ट्रेन को बैक कर स्टेशन पर ले आया.

इधर, मनोहरपुर में चल रहे एन आई वर्क को लेकर पहले से रेल मंडल के आला अधिकारी वहां मौजूद थे. आजाद हिंद के भालूलता से रवाना होने की सूचना आगे भी दी जा चुकी थी, निर्धारित समय पर ट्रेन के मनोहरपुर नहीं पहुंचने पर पदाधिकारियों ने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर मनोहरपुर से ली. इसके बाद इस घटना का खुलासा हो गया. आनन फानन में सेफ्टी की चूक के लिए कार्रवाई की दिशा तय करते हुए चालक सहचालक को ट्रेन से नीचे उतार दिया गया. वैकल्पिक व्यवस्था कर समीप खड़ी मालगाड़ी के चालक को आजाद हिंद में आगे की ड्यूटी सौंपी गई और ट्रेन को आगे बढ़ाया गया. इस प्रक्रिया में 3 घंटे निकल गये और आजाद हिंद एक्सप्रेस 3 घंटे विलंब से रवाना की गई .

चक्रधरपुर : चालकों ने ट्रेंगुलर वर्किंग सिस्टम का जताया विरोध 

इधर, सोमवार को  इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले ट्रेन चालकों ने ट्रेंगुलर वर्किंग सिस्टम के विरोध को लेकर प्रदर्शन किया. चालकों ने मुख्य चालक नियंत्रक (प्रभारी) पीके सिन्हा के माध्यम से डीआरएम छत्रसाल सिंह को पत्र भेजकर सिस्टम में जरूरी सुधार का अनुरोध किया है.
एसोसिएशन के शाखा जोनल सचिव अनिल कुमार सिंह ने बताया कि डांगुवापोसी रेलखंड में चालकों से ट्रेंगुलर वर्किंग सिस्टम का काम लिया जा रहा है. चालकों का डांगुवापोसी सेक्शन जाने के बाद लौटने का समय निर्धारित नहीं होता है. जबकि रेलवे बोर्ड का नियम है कि रेल चालकों को 36 घंटे के अंतराल में हर हाल में अपने मुख्यालय वापस लौट आना  है. जबकि नये नियम के कारण चालक 72 घंटे के बाद भी वापस लौट नहीं पाते हैं. चालकों को ट्रेन ऑडर (टीओ) देता है, लेकिन उन्हें चलाने के लिए गाड़ियां नहीं मिलती हैं या गाड़ियों की प्रतीक्षा कर व्यर्थ में समय बर्बाद होता है. एसोसिएशन ने इस  अव्यवस्था के लिए जिम्मेदारों पदाधिकारी पर कार्रवाई करने की भी मांग की है. विरोध प्रदर्शन में एके सिंह, एनके निलमनी, परमेश्वर महतो, रविशंकर कुमार, पीके पांडेय, मनोरंजन कुमार, आरडी साहू, एसके शर्मा, सीएम महतो, आरके चौधरी, अजय कुमार आदि शामिल थे.
Spread the love

Related Posts