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भोपाल : भूखी बच्ची के लिए ट्रेन में दूध पहुंचाने वाले आरपीएफ कॉन्स्टेबल इंदर बने ‘द रीयल हीरो’

 रेलमंत्री ने की तारीफ, जीएम ने दिया पांच हजार रुपए नकद और प्रशंसा पत्र दिया

रेलहंट ब्यूरो, भोपाल

आरपीएफ के जवान अक्सर यात्रियों की भगवान बनकर सामने आते है. बीते दिनों श्रमिक स्पेशन ट्रेन में दर्द से कराहती बिहार की लवली को प्रसव पीड़ा से मुक्ति दिलाने वाले झारसुगुड़ा आरपीएफ प्रभारी राकेश मोहन के सहयोग की चर्चा थमी नहीं थी कि भोपाल में आरपीएफ कांस्टेबल इंदर यादव का साहसिक कारनामा व मानवीय पहलू सामने आया है. बच्ची के लिए चलती ट्रेन में दूध पहुंचाने वाले भोपाल रेल मंडल के आरपीएफ कॉस्टेबल इंदर यादव का वीडियो मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद रेल मंत्री ने प्रशंसा की और इंदर को सम्मानित किया गया. मीडिया से बातचीत में इंदर ने कहा कि मैंने यह मदद किसी प्रशंसा के लिए नहीं की थी, मैंने तो सिर्फ इसे ड्यूटी का हिस्सा ही माना. मैं उस अखबार का शुक्रगुजार हूं, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को बखूबी दिखाया, जिसके बाद रेलमंत्री ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए मेरे काम की प्रशंसा की. यह मेरे करियर का ऐसा पल है जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा.

आरपीएफ कांस्टेबल इंदर, द रीयल हीरो

इंदर ने बताया कि मेरी भी दो बेटियां हैं, इसलिए जब महिला यात्री ने अपनी बच्ची के लिए दूध की गुहार लगाई तो मैं उस मां के दर्द को समझ सका. यह हमारा रोज का काम है और इस काम से मुझे भी बहुत खुशी मिली. यह वीडियो और खबर देखने के बाद मेरी वाइफ और मां ने कहा- हमें तुम पर गर्व है. वहीं मेरी सात की बेटी आराध्या यादव ने कहा- पापा प्राउड ऑफ यू. यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अचीवमेंट है. आरपीएफ जवान इंदर की इस बहादुरी की खबर और वीडियो मीडिया में दिखाये जाने के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने जवान की सराहना की और उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की. शुक्रवार को पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कॉन्स्टेबल को पांच हजार रुपए नकद और प्रशंसा पत्र दिया.

31 मई की रात 8:45 बजे बेलगाम (कर्नाटक) से गोरखपुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सफर कर रही साफिया हाशमी की तीन महीने बच्ची दो दिन से भूखी थी. बच्ची के माता-पिता उसे पानी में बिस्किट डुबोकर खिला रहे थे. उन्होंने कई स्टेशनों पर बच्ची के लिए दूध मांगा, लेकिन कहीं पर मदद नहीं मिली. ट्रेन भोपाल पहुंची तो साफिया ने आरपीएफ जवान से बच्ची के लिए दूध की गुहार लगाई. इंदर सिंह ने स्टेशन से चल चुकी ट्रेन तक दौड़ लगाकर दूध का पैकेट मां को दिया और दो दिन से भूखी बच्ची को मदद मिल सकी. दिन आरपीएफ ने इसे सामान्य ड्यूटी माना. 2 जून को उनका सीसीटीवी फुटेज मीडिया में आया. उसे कई लोगों ने शेयर किया. इसी दिन जब रेलमंत्री ने इस वीडियो को देखा तो अपने ऑफिशियल ट्विटर, फेसबुक अकाउंट से शेयर किया. 4 जून को रेलमंत्री ने आरपीएफ जवान इंदर सिंह की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की. 5 जून को इटारसी-खंडवा रेल खंड का निरीक्षण करने भोपाल रेल मंडल पहुंचे पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने आरपीएफ कॉन्स्टेबल इंदर सिंह को पांच हजार रुपए के नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया.

साभार : भास्कर

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