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केंद्र सरकार के विरोध में उतरा भारतीय मजदूर संघ, 28 को देशव्यापी प्रदर्शन

  • उत्तर रेलवे कर्मचारी संघ ने रेलमंत्री को भेजा स्मार पत्र, दी चेतावनी

नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा औद्योगिक नीति में किेये गये संशोधन समेत कई मांगों को लेकर बीएमएस भी सरकार के विरोध में मुखर हो गया है. सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियों एवं प्रावधानों थोपने का आरोप लगाते हुए मजदूर संघ ने 10 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक चेतावनी सप्ताह में मनाया. संघ ने 28 अक्टूबर को देशव्यापी विरोध दिवस मनाने का आह्वान किया है. उधर उत्तर मध्य रेलवे कर्मचरी संघ की ओर से आगरा मंडल मंत्री ने रेलमंत्री को पत्र भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराया है.

भारतीय मजदूर संघ नवीन श्रम संहिता आई आर कोड के मजदूर विरोधी नीतियों के विरुद्ध दूसरे यूनियनों के साथ आंदोलित है. भारतीय मजदूर संघ
इस आन्दोलन्तमक कार्यक्रम के अन्तर्गत 16 अक्तूबर को पूर्वी सिंहभूम के जिला मंत्री अभिमन्यु सिंह् की अगुवाई में टाटानगर रेलवे, डाक विभाग एवं अन्य क्षेत्रों कर्मचारियों को संबोधित किया गया. अभिमन्यु सिंह ने इस मौके पर कहा कि केंद्र सरकार के लेबर कानून आई आर कोड पूरी तरह मजदूर विरोधी है. इसमें 300 से कम मजदूर वाली कंपनी में मालिक को बिना सरकार की अनुमति के कंपनी बंद करने का अधिकार दे दिया गया है जबकि पहले यह 100 से कम मजदूरों पर लागू होता था.

विभिन्न् स्थानों पर किये गये विरोध प्रदर्शन में जिला मंत्री अभिमन्यु सिंह, महामंत्री झारखंड विद्युत मानव दिवस कर्मी संघ दिनेश सिंह, सहायक सचिव सिंहभूम ठेकादार मजदूर संघ अनिमेष कुमार दास, सचिव भारतीय डाक कर्मचारी संघ सिंहभूम मंडल सह कार्यसमिति सदस्य भा म संघ झारखंड अमरेन्द्र कुमार सिंह,अध्यक्ष भारतीय डाक कर्मचारी संघ सिंहभूम मंडल सुरेश पांडे,महामंत्री सी एम एस कर्मचारी संघ प्रेम कुमार सिंह ,जिला उपाध्यक्ष वाई शुक्ला, मंडल संगठन मंत्री डीपीआरएमएस के अजीत राय, अनिल सिंह, बीएन मिश्रा, अमित कुमार, ए रहा, आर मुंडा, अजय कुमार आदि मौजूद थे.

उधर उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के आगरा मंडल मंत्री बंशी बदन झा ने रेलमंत्री को भेजे अपने पत्र में सांसद-विधायकों की तरह बिना शर्त रेलकर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की है. संघ ने दुर्गा पूजा से पहले बोनस देने, सांतवें वेतन आयोग की अनुशंसा पर रात्री भत्ता में लागू सिलिंग को वापस लेने, रेलवे में निजीकरण और निगमीकरण पर रोक लगाने, रेलवे में रिक्त पदों को तत्काल भरने, अप्रेंटिस के सभी प्रशिक्षु को तत्काल समायोजित करने की मांग की गयी है.

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