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आस्ट्रेलियन तकनीक से कई सेक्शन पर हाई स्पीड ट्रेनों की हो रही है मॉनिटरिंग : प्रदीप कुमार

आस्ट्रेलियन तकनीक से कई सेक्शन पर हाई स्पीड ट्रेनों की हो रही है मॉनिटरिंग : प्रदीप कुमार

मेम्बर एसएडंटी ने आगरा-मथुरा रेल खंड का किया विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण

रेलहंट ब्यूरो, आगरा

रेलवे बोर्ड के मेंबर एसएंडटी प्रदीप कुमार ने बीते दिनों आगरा-मथुरा सेक्शन का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण में रेलवे में हाई स्पीड ट्रेनों की मॉनिटिरंग को लेकर अपनायी जा रही तकनीक को देखा. इसके बाद यहां आयोजित संरक्षा सम्मेलन में प्रदीप कुमार ने सिग्नल व टेलीकम्युनिकेशन के कर्मचारियों को वर्तमान में रेलवे में अपनायी जाने वाली तकनीकी और उसकी कार्यप्रणाली से अवगत कराया. मेंबर एसएंडटी ने बताया कि इस साल के बजट में 20 हजार करोड़ रुपये सिगनलिंग के आधुनिकीकरण पर खर्च किये जायेंगे. उन्होंने S&T कर्मचारियों को संरक्षा के साथ कार्य करने व शर्ट कट कट नहीं अपनाने की शपथ दिलाते ही कहा कि मथुरा से आगरा के बीच रेलवे ट्रैकों पर हाई स्पीड ट्रेनों की निगरानी के लिए आस्ट्रेलिया की तकनीक अपनाई गई है. इस तकनीक को स्वदेशी स्तर पर आरडीएसओ, लखनऊ ने बनाया है.

आस्ट्रेलियन तकनीक से कई सेक्शन पर हाई स्पीड ट्रेनों की हो रही है मॉनिटरिंग : प्रदीप कुमारमथुरा-आगरा लाइन में ट्रैक पर सेमी हाई स्पीड गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें गुजरती हैं. इनकी निगरानी के लिए लगाई मशीनों में व्हील इंपैक्ट लोड डिटेक्टर मशीन शामिल है जो तेज गति से चलने वाली ट्रेनों में पहिया के ब्रेक बाइंडिंग के कारण पटरी के चटकने के खतरे को भांप लेती है. ऐसा होते ही मशीन अलार्म बजाती है और मैसेज और लोकेशन कंट्रोल रूम तक पहुंच जाता है. ऑनलाइन रोलिंग स्टॉक मॉनिटिरंग सिस्टम की मशीन में बाइल्ड और एचएसडब्ल्यू दोनों की तकनीक हैं. मशीन बियरिंग की आवाज को पकड़ती है बियरिंग में खराबी होने पर उसकी आवाज में परिवर्तन आ जाता है. इस तरह ऐसा होते ही सिस्टम में खराबी की जानकारी मैसेज से कंट्रोल रूम तक पहुंचा दी जाती है. इसी तरह डिस्क ब्रेक बाइंडिंग एटीईएस तीन मशीनों से रेलवे ने मानीटरिंग शुरू कर दी है. अलीगढ़ रेलमार्ग पर भी इसी तकनीक की मशीनें लगाई गई हैं.

वर्तमान में हाईस्पीट ट्रेनों की मॉनिटरिंग में व्हील इंपैक्ट लोड डिटेक्टर मशीन के साथ ऑनलाइन रोलिंग स्टॉक मॉनिटिरंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह सिस्टम ट्रेनों में पहिया के ब्रेक बाइंडिंग से पटरी चटकने के खतरे के अलावा बियरिंग की आवाज को पकड़कर खतरा भांप लेती है. इसके बाद मशीन अलार्म देती है और मैसेज-लोकेशन कंट्रोल रूम तक पहुंच जाता है.

संरक्षा सम्मेलन में पीसीएसटी अरुण कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद थे. इंडियन रेलवे एसएडंटी मैंटेनरर्स युनियन की ओर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीएल मीणा तथा आगरा मंडल के योगेन्द्र सिंह यादव, मुकेश कुमार मीना एवं सलीम शहजाद ने मेम्बर एसएडंटी तथा पीसीएसटी को डायरी व कलेंडर भेंट किया. यूनियन की ओर से एक मेमोरेन्डम भी मेंबर एसएंडटी को सौंपा गया जिसमें सभी कर्मचारी, तकनीशियन ब्लैक स्मिथ, केबल ज्वाइंटर, जेई तथा एसएसई को रिस्क तथा हार्डशिप अलाउंस दिये जाने की मांग की गयी. मेम्बर ने इस मामले में पूरा सहयोग करने और शीघ्र ये लाभ पहुंचाने का आश्वासन दिया.

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