- रेलवे की सात यूनियनें विरोध प्रदर्शन में शामिल, तबादला आदेश को वापस लेने की मांग पर अड़ी
- समस्तीपुर रेलमंडल में मर्जर के बाद मुजफ्फरपुर के रनिंग कर्मियों को नहीं दिया गया विकल्प
- रेल मंत्री व सीआबी से लेकर जीएम के खिलाफ नारेबाजी जीएम की भूमिका पर उठे सवाल
Muzaffarpur. समस्तीपुर रेलमंडल में मर्जर के बाद अचानक मुजफ्फरपुर के 78 लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों का तबादला करने को लेकर विवाद गहरा गया है. इन रनिंग कर्मचारियों का तबादला बरौनी और मानसी किया गया है. रेल प्रशासन के इस निर्णय के बाद शुक्रवार से ही मुजफ्फरपुर जंक्शन के क्रू लॉबी के बाहर रनिंग कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गये हैं. अनिश्चितकालीन धरना हर दिन सुबह 11 से शाम 5 बजे तक चलाने की घोषणा की गयी है. ऑल इंडिया रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने इसका आह्वान किया था. इसमें दूसरे यूनियनें भी शामिल हो गयीं.
आंदोलन में रेलवे की सात यूनियनें शामिल हैं और तबादला आदेश को वापस लेने की मांग पर अड़ी हुई हैं. यहां बताते चले कि एक सितंबर को मुजफ्फरपुर जंक्शन का समस्तीपुर रेलमंडल में मर्जर हुआ था. इसके बाद मंडल प्रशासन ने लोको रनिंग स्टाफ को छोड़कर अन्य विभागों के कर्मचारियों से तबादले को लेकर विकल्प जरूर मांगें गये लेकिन समस्तीपुर मंडल ने मुजफ्फरपुर क्रू लॉबी में कार्यरत रनिंग कर्मचारियों को यह मौका नहीं दिया बल्कि कर्मचारियों का अचानक तबादला करना शुरू कर दिया.
कर्मियों का कहना है कि प्रशासन के इस निर्णय से उनका परिवार, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो गयी है. यह एकतरफा निर्णय है. इसके बाद सात यूनियनों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी बनाकर विरोध शुरू कर दिया गया है. रनिंग कर्मचारियों का दावा है कि तबादले का आदेश वापस लिये जाने तक आंदोलन जारी रहेगा. धरना स्थल पर रेलवे के उच्चाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया गया.
समानता के अधिकार का उल्लंघन, भेदभावपूर्ण रवैया
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन के मंडल अध्यक्ष झुन्नू कुमार ने कहा कि समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड के अन्य सभी विभागों के कर्मचारियों से ट्रांसफर को लेकर ऑप्शन लिया गया, लेकिन रनिंग स्टाफ को इससे वंचित रखा गया. उन्होंने कहा, यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है और रेलवे प्रशासन का भेदभावपूर्ण रवैया दर्शाता है. एक ही कार्यस्थल पर कार्यरत कर्मचारियों के साथ अलग-अलग व्यवहार किसी भी तरह उचित नहीं है.
दोहरा मापदंड अपना रहा रेलवे प्रशासन
संघ के संगठन मंत्री कपिल देव राय ने कहा कि रेलवे प्रशासन की ओर से दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर रेल कर्मचारियों को जेसीओ के तहत राहत दी गई, जबकि रनिंग स्टाफ और लोको पायलटों को इससे बाहर रखा गया. इसी वजह से कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है. इससे करीब 450 से अधिक रनिंग स्टाफ प्रभावित हुए हैं.
तीन सूत्री मांगों पर अड़ा रनिंग स्टाफ संघ
प्रदर्शन में तीन प्रमुख मांगें उठाईं गयी है. पहली मुजफ्फरपुर जंक्शन पर पूर्व व्यवस्था बहाल हो. दूसरी मुजफ्फरपुर में सोनपुर और समस्तीपुर, दोनों मंडलों की क्रू लॉबी को पहले की तरह संचालित किया जाये. तीसरी मंडल परिसीमन के बाद उत्पन्न समस्याओं के समाधान से जुड़ी है. इसमें JPO जारी कर विकल्प देने की मांग शामिल है.
प्रशासनिक तबादलों पर रोक की चेतावनी
संघ के प्रांत सेक्रेटरी बृजम चौधरी ने स्पष्ट किया कि जब तक JPO जारी नहीं किया जाता, तब तक किसी भी रनिंग स्टाफ का प्रशासनिक तबादला नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेलवे प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.अनिश्चितकालीन प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और रनिंग स्टाफ के सदस्य शामिल हुए. आंदोलन के चलते मुजफ्फरपुर जंक्शन परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल बना हुआ है.















































































