- रैपिड एंटिजेन टेस्ट किट्स, हैंड सेनेटाइजर,पीपीई कीट, एन 95 मास्क की खरीद में अधिक भुगतान किया
- 01.04.2020 से 22.09.2020 के बीच 1,30,64,360.53 रुपये में की गयी थी किट की खरीद
PATNA. पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल रेल अस्पताल ने कोविड काल में रेलकर्मियों के जीवन व मरण की परिस्थिति में भी मानवीय संवेदना को ताक पर रखकर आपदा के अवसर को जमकर भुनाया. कोविड की आपदा में भी रेलवे अधिकारी अवसर बनाने में नहीं चूके और आपात स्थिति का पूरा फायदा उठाते हुए वेंडरों को भरपूर फायदा पहुंचाया. हालांकि कैग ने (कार्यालय महानिदेशक लेखा परीक्षा) ने दानापुर डिवीजन स्वास्थ्य विभाग की खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए यह माना कि सामानों की खरीद में ₹20,80,652 रुपये का गोलमाल हुआ है.
कैग ने माना कि दानापुर डिवीजन में अधिक मूल्य का भुगतान का उन्हीं सामानों की खरीद की गयी. उससे कम कीमत पर उसी अंतराल में दूसरे डिवीजन ने उपकरणों की खरीद की. इन उपकरणों में रैपिड एंटिजेन टेस्ट किट्स, हैंड सेनेटाइजर,पीपीई कीट,एन 95 मास्क शामिल है. इनकी खरीद कोविड 19 के समय 01.04.2020 से लेकर 22.09.2020 के बीच की गयी. इस पर कुल ₹ 1,30,64,360.53 (एक करोड़ तीस लाख चौसठ हजार तीन सौ साठ रूपए) का भुगतान एजेंसी को किया गया.
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कार्यालय महानिदेशक लेखा परीक्षा, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर द्वारा 20.06.2022 से लेकर 13.07.2022 तक कराए गए आडिट में यह बात सामने आयी है कि खरीद में ₹20,80,652 रुपये तक की अनियमितता है. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रैपिड एंटिजेन टेस्ट किट्स, हैंड सेनेटाइजर,पीपीई कीट,एन 95 मास्क इत्यादि की खरीदारी में भारी अनियमितता बरती गई है, जबकि उन्हीं सामानों की दूसरी जगह 02.04.2020 से लेकर 19.05.2021 तक कम दर पर खरीदारी की गयी. कार्यालय महानिदेशक लेखा परीक्षा ने अपने रिपोर्ट में खरीदारी में हुई गड़बड़ी से अवगत तो करा दिया है और हुई कार्रवाई से अवगत कराने की बात कही है लेकिन क्या कोई कारवाई हुई भी होगा ऐसा लगता है!
कैग की रिपोर्ट सामने आने के बाद भी इस मामले में अब तक पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय से लेकर दानापुर डिवीजन मुख्यालय तक मौन हैं. इस मामले में अब तक जीएम अथवा डीआरएम स्तर पर जांच अथवा अगली कार्रवाई के लिए कोई एक्शन नहीं लिया गया है. जबकि कैग की रिपोर्ट चीख-चीख कर यह कह रही है कि पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल अस्पताल, दानापुर ने आपदा को अवसर में बदला. कार्यालय महानिदेशक लेखा परीक्षा ने अपने रिपोर्ट में खरीदारी में हुई गड़बड़ी से अवगत तो कराया है लेकिन अब कारवाई का पता नहीं चल सका है… जारी
रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में किसी को अपना पक्ष रखना है तो whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, पूरे सम्मान के साथ उसका संज्ञान लिया जायेगा.















































































