RATLAM. पश्चिम रेलवे के रत्लाम डिवीजन अंतर्ग सीहोर बकतल सेक्शन में ट्रैक सर्किट के फेलियर जांच के दौरान SSE/Sig/SJP गजेंद्र आर्य की मौत हो गयी जबकि सहायक की किसी तरह जान बच सकी. वह फिलहाल सदम में हैं. CSI गजेंद्र के असामयिक निधन पर IRSTMU ने दुःख जताया है और कहा कि इस घड़ी में परिवार एवं विभाग के साथ पूरी यूनियन खड़ी है.
घटना 24 जुलाई, 2025 की दोपहर बाद 03:30 बजे की है. CSI गजेंद्र आर्य, SSE/Sig/SJP ट्रैक सर्किट के फेलियर की जांच कर रहे थे. तभी प्रयागराज एक्सप्रेस से रनओवर हो गए हैं. बताया जाता है कि उक्त स्थल पर गोलाई में एक मालगाड़ी खड़ी थी, इस कारण तेज रफ्तार से आती हुई ट्रेन को वह नहीं देख पाये और उनके पास जान बचाने का समय तक नहीं मिला. उनके साथ काम कर रहा सहायक मुश्किल से जान बचा पाया. हालांकि आंखों के सामने हुए हादसे से वह सुध-बुध खो बैठा है और सदमे की हालत में है.
इंडियन रेलवे सिगनल एवं टेलिकॉम मैंनटेनर्स युनियन (IRSTMU) ने घटना पर गहरा दुःख जताया है. यूनियन ने सरकार से निवेदन किया कि सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाये. अगर ट्रैक सर्किट फेलियर की जांच के दौरान ऐसी दुःखद घटना घटती है तो इस केवल और केवल एक ही कारण है सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में काम का अत्यधिक दबाव।. जिसके लिए केवल रेल प्रशासन ही नहीं बल्कि पूरी सरकार को अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए.
यह केवल एक सुपरवाइजर के रन ओवर तक ही नहीं सीमित है बल्कि पूरे विभाग की दुर्दशा का द्योतक है. गजेंद्र आर्य मूल रूप से उज्जैन के रहने वाले थे. उनके परिवार में माता-पिता समेत पत्नी और पांच वर्ष का पुत्र शामिल है.
















































































