Bikaner. उत्तरी पश्चिमी रेलवे (North Western Railway – NWR) के बीकानेर (Bikaner) डिवीजन अंतर्गत मंडी डबवाली रेलवे स्टेशन पर एक महिला रेलकर्मी द्वारा 2.29 लाख रुपये गबन करने का मामला मामला सामने आया है. यह महिला रेलकर्मी बुकिंग क्लर्क है जिसकी तैनाती मंडी डबवाली रेलवे स्टेशन पर थी. गबन का मामला सामने आते ही रेल पुलिस ने आरोपी बुकिंग क्लर्क ज्योति शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. ज्याेति शर्मा की रेलवे में नियुक्ति पति की मौत के अनुकंप पर हुई थी.
ज्योति शर्मा ने बुकिंग के कैश से लगभग 2.29 लाख रुपये उड़ा लिये थे. हालांकि पुलिस की जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी गयी और इसके बाद ज्योति के खिलाफ रेल थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. जीआरपी ने तत्काल पहल करते हुए हनुमानगढ़ से ज्योति शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से गबन का कैश भी बरामद कर लिया गया है.
उधर सीनियर डीसीएम बीकानेर से तत्काल प्रभाव से बुकिंग क्लर्क ज्योति शर्मा को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है. बताया जाता है कि पति की मौत के ज्योति की अनुकंपा पर रेलवे में नौकरी मिली थी. हालांकि उसने नौकरी के बाद शादी कर ली. रेल एसपी निकिता गहलोत ने मीडिया को बताया कि अपना और पति का शौक पूरा करने के लिए ज्योति ने रेलवे कैश निकाल लिया और रिकार्ड में गलत इंट्री कर दी.
पूछताछ में सामने आया कि गबन की रकम से उसने कार, बुलेट मोटरसाइकिल और महंगे गहने खरीदे. मूल रूप से बीकानेर की रहने वाली ज्योति शर्मा वर्तमान में हनुमानगढ़ में रह रही थी और वहीं से उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया.
डुप्लीकेट चॉबी बनाकर दिया घटना को अंजाम
मामला 18 और 19 अक्टूबर 2025 का है. उस दिन ₹1,15,265 कैश में कम पाये गये थे. इसके बाद 21 और 22 अक्टूबर को भी ₹1,13,960 कैश स्टेशन की अलमारी में गायब हो गया. मुख्य टिकट बुकिंग अधिकारी राजीव शर्मा बंद लॉकर से कैश गायब होने से परेशान थे. एसआईटी प्रभारी नरेश कुमारी की जांच में यह बात सामने आयी कि ज्योति शर्मा ने डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी. उसी के जरिए कैश निकाला. वह पहले से कैश जमा की प्रक्रिया पर नजर रख रही थी. सही समय पर उसने कैश निकाल लिया.
अंबाला जीआरपी एसपी निकिता गहलोत ने मामले को लेकर एसआईटी का गठन किया. इसमें डीएसपी हिसार रेंज कृष्ण कुमार, सिरसा जीआरपी प्रभारी रणबीर सिंह और चरखी दादरी जीआरपी प्रभारी नरेश कुमारी को शामिल थी. बीकानेर मंडल की 12 सदस्यीय उच्चस्तरीय टीम ने टिकट बुकिंग से जुड़े डिजिटल डाटा और कैश रिकॉर्ड की जांच की. इसके बाद 6 जनवरी को एसआईटी ने ज्योति शर्मा को राजस्थान के हनुमानगढ़ से गिरफ्तार किया. पूछताछ में सच सामने आने के बाद ज्योति को जेल भेज दिया गया है.















































































