- बिना ब्लॉक के काम कराने पर सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में, रेलकर्मी गंभीर, एडीईएन की मौजूदगी में हुई पूरी घटना
- 56 वर्षीय वरिष्ठ रेलकर्मी बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के ही ओवरब्रिज पर कर रहे थे काम
- ट्रैक्शन तार की चपेट में आकर झुलसे नंदलाल, सीने, चेहरे और हाथों में गंभीर चोटें, इस्पात जनरल अस्पताल में भर्ती
ROURKELA. राउरकेला रेलवे कंस्ट्रक्शन कार्यालय के समीप रेलवे कॉलोनी को राउरकेला शहर से जोड़ने वाले फुट ओवर ब्रिज पर कार्य के दौरान आज दोपहर में एक गंभीर हादसा सामने आया है. हादसे में 56 वर्षीय रेलकर्मी नंदलाल लकड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए है. वे राउरकेला रेलवे के आईओडब्ल्यू विभाग में कारपेंटर के पद पर कार्यरत हैं. पूरी घटना एडीईएन अशेष की मौजूदगी में घटी. सवाल यह उठता है कि अधिकारी की मौजूदगी में बिना सुरक्षा उपाय रेलकर्मी को ओवरब्रिज पर काम करने के लिए कैसे चढ़ा दिया गया ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार राउरकेला आईओडब्लू विभाग के अधिकारी के निर्देश पर नंदलाल लकड़ा को फुट ओवरब्रिज पर कार्य के लिए भेजा गया था. शाम करीब चार बजे कार्य के दौरान अचानक ब्रिज का एक स्लैब धंस गया. संतुलन बिगड़ते ही नंदलाल लकड़ा नीचे गिरने से बचने के लिए ब्रिज के एक लोहे के ढांचे को पकड़कर लटक गए. उसी समय नीचे से एक मालगाड़ी गुजरने लगी, जिससे उनकी जान पर बन आई.
मालगाड़ी के गुजरने तक नंदलाल लकड़ा किसी तरह जान बचाने के लिए झूलते रहे. इसके बाद मौके पर मौजूद अन्य रेलकर्मियों ने हिम्मत दिखाते हुए उन्हें ऊपर खींच लिया. बताया गया है कि इस दौरान वे ट्रैक्शन तार की चपेट में भी आ गए, जिससे उनके सीने, चेहरे और हाथों में गंभीर चोटें आईं और वे झुलस गए. घटना के तुरंत बाद घायल रेलकर्मी को राउरकेला के इस्पात जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें बर्न/इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है.
सूत्रों के अनुसार, फुट ओवर ब्रिज पर कार्य के दौरान रेलवे की ओर से न तो ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया था और न ही घायल रेल कर्मी को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी. रेल कर्मी बिना कोई सेफ्टी बेल्ट की ही कार्य में जुटे हुए थे. इससे यह गंभीर सवाल उठता है कि बिना ब्लॉक लिए और चलती ट्रेनों के बीच किस अधिकारी के निर्देश पर इतना जोखिम भरा कार्य कराया जा रहा था ? क्या इंजीनियरिंग विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था?
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इस घटना ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. रेलकर्मियों के बीच चर्चा है कि कारपेंटर पद पर कार्यरत कर्मचारी को लोहे के पुल पर क्यों लगाया गया था? इतनी ऊंचाई पर 56 वर्षीय वरिष्ठ रेलकर्मी को बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम देना लापरवाही नहीं तो और क्या है? हादसे के बाद रेल कर्मचारियों में रोष व्याप्त है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी और रेलकर्मी की जान खतरे में न पड़े.
पहले भी गैरजिम्मेदारी के लिए स्पष्टीकरण देते रहे है एडीईएन अशेष
2007 के 22 जुलाई के दिन चक्रधरपुर रेलमंडल के जराइकेला रेलवे स्टेशन के निकट राउरकेला से हावड़ा के तरफ जाने वाली इस्पात एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी. जिस दौरान तत्कालीन सेक्शनल इंजीनियर अशेष को चार्टशीट दी गई थी. फिलहाल अशेष राउरकेला में एडीईएन के पद पर कार्यरत है. आश्चर्य की बात इह है कि ब्रिज में दुर्घटना हुई उस दौरान एडीईएन अशेष भी घटनास्थल पर ही मौजूद थे. जिसे लेकर चर्चा बनी हुई है कि एडीईएन के मौजूदगी में बिना ब्लॉक लिए ब्रिज में मरम्मत कार्य कियू किया जा रहा था.















































































