धनबाद. रेल मंडल में आरपीएफ की पूरी टीम बदल दी गई. मंगलवार को पूर्व मध्य रेलवे के आईजी रवींद्र वर्मा के आदेश पर एक साथ धनबाद डिवीजन के आठ आरपीएफ पोस्ट और सीआईबी के इंस्पेक्टर का इंटर डिवीजन तबादला किया गया. वृहद पैमाने पर की गई इस ट्रांसफर-पोस्टिंग को कुछ दिन पहले सीनियर कमांडेंट विनोद कुमार पर गिरी गाज से जोड़ कर देखा जा रहा है.27 मार्च को आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार ने सीनियर कमांडेंट विनोद कुमार को निलंबित कर दिया था.
डीजी ने सेंट्रल रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त आलोक वोरा को जांच की जिम्मेवारी सौंपी थी. सीएससी की जांच रिपोर्ट के बाद इंस्पेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई. तीन अप्रैल को धनबाद दौरे पर आए डीजी ने पतरातू इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह को सस्पेंड कर दिया था। जबकि गढ़वा रोड पोस्ट पहले से खाली थी. मंगलवार को जो कार्रवाई हुई उसमें धनबाद डिवीजन के बरकाकाना पोस्ट को छोड़ यहां के सभी इंस्पेक्टरों को शंटिंग पोस्ट पर भेज दिया गया.चर्चा है कि इनमें से कुछ इंस्पेक्टर कोयले की कालिख के कारण जांच के घेरे में थे. जांच करने पहुंचे सीएससी वोरा को भी उनके खिलाफ शिकायतें मिली थीं, लेकिन कुछ को बेवजह इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. इधर सीनियर कमांडेंट विनोद कुमार का निलंबन समाप्त कर उन्हें पूर्व रेलवे में डिप्टी सीएससी के पद बहाल कर दिया गया है.
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