कोलकाता/संतरागाछी. ओबीसी रेलवे कर्मचारी संघ (दक्षिण पूर्व रेलवे) के महासचिव कृष्ण मोहन प्रसाद ने रेलवे कर्मचारियों द्वारा संचालित ‘मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड’ (अर्बन बैंक) में होने वाली कर्मचारी बहाली में भारत सरकार की संविधान सम्मत आरक्षण नीति (SC, ST एवं OBC) को लागू करने की मांग की है.
प्रसाद ने दक्षिण पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी एवं सोसाइटी प्रबंधन को मांग पत्र सौंपकर 15 सितंबर 2026 को जारी नियुक्ति अधिसूचना (सं. SE/SEC/ECoR/ECCS Ltd./Recruitment/2026/01) — जिसके जरिए 35 पदों पर भर्ती निकाली गई है — को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आग्रह किया है. उन्होंने आरक्षण नीति लागू करने के बाद ही नई बहाली निकालने और ₹700 की परीक्षा शुल्क घटाने की मांग की है.
प्रमुख बिंदु:
- ऐतिहासिक व वित्तीय स्थिति: वर्ष 1909 (को-ऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट 1904) में स्थापित यह 117 वर्ष पुराना संस्थान SER, SECR और ECoR द्वारा संयुक्त रूप से संचालित है. वित्तीय वर्ष 2025-2026 में इसकी कार्यशील पूंजी ₹3203.13 करोड़ रही और टैक्स भुगतान के बाद ₹111.87 करोड़ का मुनाफा हुआ.
- 85% शेयर पूंजी: बैंक की 85% पूंजी का योगदान एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के रेल कर्मचारियों का है. रेलवे से कार्यालय, डेलीगेट स्पेयरिंग और SCL जैसी सुविधाएं मिलने के बावजूद यहाँ आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा.
संतरागाछी में 97वें वार्षिक अधिवेशन के दौरान यह मांग पत्र चेयरमैन को सौंपा गया. मांग पूरी न होने पर संघ ने मामले को संसदीय समिति व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के समक्ष उठाने की चेतावनी दी है.



