JHARSUGUDA. दीपावली से पहले चोरों ने झारसुगुड़ा में बड़ा धमाका किया है. सेक्शन के बागडीह-धुतरा बीच चोर शुक्रवार की रात एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक पटरी से पेंड्रोल क्लीप व फिश प्लेट निकाल ले गये. यह चोरी आरपीएफ के लिए बड़ी चुनौती है तो चक्रधरपुर डिवीजन के कमांडेंट के लिए बड़ा सबक बनकर सामने आयी है जो पदस्थापना के बाद से ही जमीनी हकीकत से दूर मोबाइल पर सिस्टम चलाने की भूमिका में हैं. चक्रधरपुर के RPF कमांडेंट के अवकाश में होने के कारण प्रभार में रांची के सीनियर कमांडेंट हैं जिन्होंने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली है.
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या झारसुगुड़ा के इस सेक्शन में चोरों का मनोबल इतना ऊंचा हो गया है कि वह रेलवे ट्रैक से पेंड्राल क्लीन जैसे सुरक्षा उपकरणों की चोरी पर उतर आये है? क्या यह सब स्क्रैप माफिया से RPF की सांठगांठ का खामियाजा है? इस मामले में झारसुगुड़ा आरपीएफ प्रभारी योगेंद्र कुमार की कार्यशैली शुरू से ही सवालों के घेरे में रही है जबकि बड़ी घटनाओं पर भी आरपीएफ का शीर्ष मौन साधे रहा, नतीजा सामने है, जब बेखौफ चोरों ने सुनियोजित तरीके से रेल संपत्ति को निशाना बनाते हुए दीपावली से पहले ही बड़ा धमाका कर दिया है.
बागडीह-धुतरा सेक्शन में चोरी, पहुंचे RPF कमांडेंट
मिली जानकारी के अनुसार, सेक्शन के बागडीह-धुतरा के बीच किलोमीटर संख्या 497/2-8 के समीप थर्ड लाइन से चोरों ने लगभग एक किलोमीटर के दायरे में पटरियों पर कसने वाली पेड्राल क्लिप (Pedrol Clip) और फिश प्लेट (Fish Plates) गायब कर दिए हैं. इसकी संख्या 157 के लगभग बतायी जा रही है. पटरियों की मजबूती और ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए अहम इन उपकरणों की चोरी सीधे तौर पर रेल संरक्षा और हजारों रेल यात्रियों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ है.
घटना की सूचना मिलते ही रांची के सीनियर कमांडेंट समेत आरपीएफ का पूरा महकमा शनिवार को मौके पर पहुंचा था. आला अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद हैरानी की बात यह है कि खबर लिखे जाने तक अब तक ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है. कहां तो यहां तक जा रहा है कि चोरी को कम से कम दिखाने के लिए हर स्तर पर लीपापोती शुरू हो गयी है. घटना से एक दिन पहले ही डीआरएम तरुण हुरिया में झारसुगुड़ा सेक्शन में विकास योजनाओं का निरीक्षण किया था.
स्क्रैप माफिया ‘खान’ और आरपीएफ की साठगांठ!
क्षेत्र में सुगबुगाहट है कि इस सेक्शन में तथाकथित स्क्रैप माफिया ‘खान’ का खुला दबदबा है, जिसकी पहुंच सीधे आरपीएफ के भीतर तक बताई जाती है. स्थानीय सूत्रों का दावा है कि आरपीएफ प्रभारी योगेंद्र कुमार के खास सिपहसालार और करिंदे अक्सर बाबू खान के स्क्रैप टाल पर देखे जाते रहे हैं. सूत्रों का दावा है कि बीते दिनों प्रभारी द्वारा अपने एक भरोसेमंद कर्मी को कुछ आरोपों के बाद हटा दिया गया था, लेकिन कथित तौर पर स्थिति सामान्य होने पर उसे वापस पुरानी जिम्मेदारी पर तैनात कर दिया गया.
चर्चा तो यहां तक है कि बीते दिनों चोरी के एक मामले में खान साहब का नाम सामने आने और उनको हिरासत में लिये जाने के बाद जांच को प्रभावित करने और बरामद मोबाइल को जब्त न करने को लेकर आरपीएफ स्तर पर बड़ी सौदेबाजी तक की बात सामने आई थी. चक्रधरपुर के आरपीएफ कमांडेंट की सख्ती के बाद जब पूरे डिवीजन में ट्रेनों और स्टेशनों पर अवैध वेंडिंग पर नकेल कसी जा चुकी है, वहीं झारसुगुड़ा में यह आज भी बेखौफ लुका-छिपी के साथ जारी है.
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या DG/IG/RPF स्तर पर झारसुगुड़ा में सालों से जारी अवैध गतिविधियों पर संज्ञान लेकर स्थानीय प्रभारी की संदिग्ध भूमिका की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करायी जायेगी या फिर किसी बड़े हादसों का इंतजार किया जाएगा?
JHARSUGUDA : चोरों की RPF को चुनौती, अब काट ले गये केबुल-पाइप, रद्द करने पड़ी गोंदिया पैसेजर!
रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में अगर किसी को यह लगता है उसकी बात नहीं सुनी जा रही है तो वह अपना पक्ष whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, उसे पूरा स्थान दिया जायेगा.


