कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए झूठी ख़बरें फैलाकर रेल व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं. सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाहें या भ्रामक कंटेंट फैलाते हुए पाये जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
NEW DELHI. त्योहारों के इस व्यस्त सीजन में जहाa एक तरफ रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर कुछ असामाजिक तत्वों की नासमझी और शरारत आम जनता के लिए भारी परेशानी का सबब बनती जा रही है.
सोशल मीडिया पर रेलवे परिसरों और ट्रेनों से जुड़े पुराने या पूरी तरह से असंबंधित घटनाओं के पुराने वीडियो को हालिया बताकर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है. इस तरह के सनसनीखेज और भ्रामक वीडियो का मुख्य उद्देश्य महज लाइक्स और व्यूज बटोरना होता है, लेकिन इसके गंभीर परिणाम आम यात्रियों और उनके परिवारों को भुगतने पड़ते हैं.
इस तरह की गैर-जिम्मेदार हरकतों के कारण रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अनावश्यक भ्रम, डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो रहा है. त्योहारी भीड़भाड़ के बीच जब यात्री इस प्रकार की मनगढ़ंत और झूठी खबरें देखते हैं, तो उनमें दहशत फैल जाती है, जो कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है.
रेलवे प्रशासन का कड़ा रुख और सख्त कार्रवाई
इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए उत्तर रेलवे प्रशासन ने अब ऐसे अफवाह फैलाने वालों और फेक न्यूज निर्माताओं के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपना लिया है. रेलवे ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा और शांति के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
इसी कड़ी में, रेलवे परिसरों और ट्रेनों से संबंधित फर्जी वीडियो प्रसारित करने के गंभीर आरोपों के चलते 4 नवंबर को दो इंस्टाग्राम हैंडलर्स के खिलाफ औपचारिक रूप से मामले दर्ज कर लिए गए हैं. हालांकि रेलवे की ओर से इंस्टाग्राम हैंडलर्स के नाम का खुलासा नहीं किया गया हे.
कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए झूठी ख़बरें फैलाकर रेल व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यदि भविष्य में भी कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाहें या भ्रामक कंटेंट फैलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
हिमांशु शेखर उपाध्यक्ष, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे
रेलवे प्रशासन ने सभी इंटरनेट और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से हाथ जोड़कर अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अधूरी, अप्रमाणित या फर्जी सामग्री को बिना सोचे-समझे आगे शेयर या रीपोस्ट करने से बचें. सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें, ताकि समाज में अनावश्यक डर और भ्रम का माहौल न फैले. आपकी एक छोटी सी लापरवाही दूसरों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है.


