FARIDABAD. दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर तुगलकाबाद और फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के बीच ऑनड्यूटी रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है. जंक्शन केबिन के पास रेलवे ट्रैक की मरम्मत और रखरखाव में तैनात छह ट्रैकमैन पर अपराधियों ने जानलेवा हमला कर दिया. हमले में आधा दर्जन कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घटना के बाद रेलवे पुलिस (GRP) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य फरार हमलावरों की तलाश में छापेमारी जारी है.
लोहे के टुकड़े चोरी करने से रोकने पर हुआ था विवाद
रेलवे पुलिस को दी शिकायत में घायल ट्रैकमैन जितेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि 16 सितंबर को वह अपने साथी ट्रैकमैन विश्राम योगी, दीपक कुमार, नीरज कुमार, मनीष कुमार, अमन कुमार और अरविंद कुमार के साथ जंक्शन केबिन के पास अपनी ड्यूटी पर तैनात थे. उसी दौरान उन्होंने देखा कि तीन युवक रेलवे ट्रैक से लोहे के टुकड़े उठाकर ले जा रहे थे. जब ऑनड्यूटी कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें चोरी करने से रोका, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और अंजाम भुगतने की धमकी देकर चले गए.
20-25 लोगों ने हथियारों और पत्थरों से बोला धावा
अगले दिन, 17 सितंबर की सुबह जब सभी ट्रैकमैन रोजाना की तरह ट्रैक पर अपना काम कर रहे थे, तभी वही तीनों युवक 20 से 25 अज्ञात हमलावरों की भीड़ लेकर मौके पर पहुंचे. हमलावरों ने आते ही ऑनड्यूटी रेलकर्मियों पर लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. इस हिंसक हमले में ट्रैकमैन जितेंद्र मीणा के सिर पर चाकू से वार किया गया, जिससे उनका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए. अन्य कर्मचारियों को भी डंडों और पत्थरों से बेरहमी से पीटा गया.
तीन आरोपी जेल भेजे गए, फरार लोगों की तलाश जारी
जीआरपी थाना पुलिस ने पीड़ित कर्मचारी के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने नामजद आरोपी धीरज, भोले शंकर और महिला सुनीता देवी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. डीएसपी रेलवे राजेश कुमार चेची ने बताया कि मामले में शामिल 20-25 अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं.
रेलवे ट्रैक पर बढ़ाई गई सुरक्षा और गश्त
दिनदहाड़े ऑनड्यूटी कर्मचारियों पर हुए इस हमले के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई है. रेलकर्मियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए रेलवे ट्रैक और संवेदनशील इलाकों में जीआरपी की गश्त तेज कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.



