Close Menu
  • होम
  • रेलहंट स्पेशल
  • रेल न्यूज
  • बोर्ड/जोन
    • सर्कुलर / आर्डर
    • रेलवे की निविदा
  • रेल यूनियन
  • रेल यात्री
  • आरपीएफ-जीआरपी
  • गपशप
    • साक्षात्कार
  • अभिमत
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
  • समाज-संस्कृति
  • संपर्क
  • होम
  • रेलहंट स्पेशल
  • रेल न्यूज
  • बोर्ड/जोन
    • सर्कुलर / आर्डर
    • रेलवे की निविदा
  • रेल यूनियन
  • रेल यात्री
  • आरपीएफ-जीआरपी
  • गपशप
    • साक्षात्कार
  • अभिमत
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
  • समाज-संस्कृति
  • संपर्क
Facebook X (Twitter) Instagram Threads YouTube Telegram
Thursday, October 8
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
Rail HuntRail Hunt
Subscribe
  • होम
  • रेलहंट स्पेशल
  • रेल न्यूज
  • बोर्ड/जोन
    • सर्कुलर / आर्डर
    • रेलवे की निविदा
  • रेल यूनियन
  • रेल यात्री
  • आरपीएफ-जीआरपी
  • गपशप
    • साक्षात्कार
  • अभिमत
  • मीडिया
    • सोशल मीडिया
  • समाज-संस्कृति
  • संपर्क
Rail HuntRail Hunt
  • होम
  • रेलहंट स्पेशल
  • रेल न्यूज
  • बोर्ड/जोन
  • रेल यूनियन
  • रेल यात्री
  • आरपीएफ-जीआरपी
  • अभिमत
  • गपशप
  • मीडिया
  • समाज-संस्कृति
Home » TATANAGAR में ₹383 करोड़ से बनेगा वंदे भारत डिपो, विकास की चमक के पीछे ‘जनशताब्दी’ और ‘इस्पात’ की बलि, रेलवे का दोहरा रवैया उजागर!
रेलहंट स्पेशल

TATANAGAR में ₹383 करोड़ से बनेगा वंदे भारत डिपो, विकास की चमक के पीछे ‘जनशताब्दी’ और ‘इस्पात’ की बलि, रेलवे का दोहरा रवैया उजागर!

Railhunt News DeskBy Railhunt News DeskSeptember 18, 2026
Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
सांकेतिक तस्वीर AI
Share
Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link

TATANAGAR/KOLKATA. टाटानगर रेलवे स्टेशन और चक्रधरपुर रेल मंडल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से रेलवे बोर्ड ने एक बड़ी परियोजना को हरी झंडी दिखाई है. जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो का दावा है कि लंबे समय से जारी प्रयासों के बाद रेलवे बोर्ड (डायरेक्टर प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट सुमित कुमार) ने टाटानगर में ₹383.78 करोड़ की लागत से ‘वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो’ के निर्माण की स्वीकृति दे दी है.

निसंदेह, टाटानगर में आधुनिक कोचिंग यार्ड और मेंटेनेंस डिपो की स्थापना एक दूरदर्शी और स्वागत योग्य पहल है. इससे न केवल रेलवे के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी.

सांसद विद्युत वरण महतो ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार भी जताया है. इसके साथ ही स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग ₹482 करोड़ की लागत से 4 अतिरिक्त नए प्लेटफॉर्म और लूप लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव भी पाइपलाइन में है.

लेकिन इस भव्य विकास और लग्जरी ट्रेन ‘वंदे भारत’ की चकाचौंध के पीछे एक कड़वा और असहज करने वाला सच भी छिपा है, जिस पर आज गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

वंदे भारत को लेकर सरकार की ‘बेचैनी’ और आम ट्रेनों की अनदेखी

रेलवे और केंद्र सरकार जिस तरह से वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रमोट करने में अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं, वह जगजाहिर है. लेकिन इस प्रीमियम सेवा को सुपर-सक्सेसफुल बनाने की होड़ में आम और मध्यम वर्ग की लाइफलाइन मानी जाने वाली ट्रेनों को पूरी तरह से हाशिये पर धकेल दिया गया है.

इसका सबसे प्रत्यक्ष और खौफनाक उदाहरण टाटानगर होकर गुजरने वाली दो सबसे प्रमुख और लोकप्रिय ट्रेनें, हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस और हावड़ा-टिटलागढ़/कांटाबांजी इस्पात एक्सप्रेस हैं.

किसी जमाने में ये दोनों ट्रेनें छोटानागपुर और कोल्हान क्षेत्र के व्यापारियों, दैनिक यात्रियों, मरीजों और आम जनता की रीढ़ मानी जाती थीं. अपनी सटीकता और समयबद्धता के लिए जानी जाने वाली ये ट्रेनें आज रेलवे के दोहरे रवैये की शिकार बनकर रह गई हैं.

घंटों रिशेड्यूल और विलंब, क्या यह वंदे भारत को प्रमोट करने का प्रायोजित खेल है?

आज स्थिति यह है कि जनशताब्दी और इस्पात एक्सप्रेस का समय पर चलना एक अपवाद बन चुका है. आए दिन ये ट्रेनें हावड़ा या अपने प्रारंभिक स्टेशनों से 3 से 6 घंटे की देरी से रिशेड्यूल की जा रही हैं.

  • ट्रैक प्राथमिकता में भेदभाव: जब भी रूट पर वंदे भारत गुजरती है, तो जनशताब्दी, इस्पात और अन्य पैसेंजर ट्रेनों को आउटर या छोटे स्टेशनों पर घंटों रोक दिया जाता है.
  • मजबूरी का फायदा: घंटों लेट चलने और अनिश्चितता के कारण परेशान यात्रियों के पास कोई विकल्प नहीं बचता. अंततः, जिन्हें समय पर डॉक्टर के पास पहुंचना है या जरूरी काम से निकलना है, उन्हें मजबूरन भारी-भरकम किराया देकर वंदे भारत में टिकट बुक करानी पड़ती है.
  • सीधा सवाल: क्या आम यात्रियों की लाइफलाइन ट्रेनों को जानबूझकर लेट किया जा रहा है ताकि लोग प्रीमियम ट्रेनों की ओर रुख करें? अगर यह वंदे भारत जैसी महंगी ट्रेनों को प्रमोट करने का सीधा उदाहरण नहीं है, तो और क्या है?

जनहित के मुद्दों पर सांसद की चुप्पी पर उठे सवाल

एक तरफ जहां सांसद विद्युत वरण महतो वंदे भारत डिपो की स्वीकृति का श्रेय ले रहे हैं और रेलवे बोर्ड के चक्कर काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता यह सवाल पूछ रही है कि उन्होंने कभी जनशताब्दी और इस्पात एक्सप्रेस की दैनिक बदहाली पर वैसी गंभीरता और आक्रामकता क्यों नहीं दिखाई?

वंदे भारत के डिपो और नए प्लेटफॉर्म के लिए जिस बेचैनी और तत्परता से पत्राचार और मुलाकातें की गईं, अगर वैसी ही संवेदनशीलता रोज पिस रहे हजारों आम यात्रियों की समस्याओं को लेकर दिखाई जाती, तो आज इस्पात और जनशताब्दी की यह दुर्दशा न होती.

विकास का फायदा किसे, सिर्फ संपन्न वर्ग या आम जनता को भी?

टाटानगर में ₹383.78 करोड़ का वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो बनना निश्चित रूप से क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए जरूरी कदम है. लेकिन विकास का दायरा केवल प्रीमियम वर्ग तक सीमित नहीं होना चाहिए.

रेलवे प्रशासन को यह समझना होगा कि रेलवे का मूल उद्देश्य देश के अंतिम व्यक्ति को सुलभ और विश्वसनीय परिवहन सेवा देना है. जब तक जनशताब्दी और इस्पात एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की लेट-लतीफी दूर नहीं होती और आम यात्रियों को सम्मानजनक सफर की गारंटी नहीं मिलती, तब तक ₹383 करोड़ के इस नए डिपो की चमक फीकी ही रहेगी.

Spread the love
Bidyut Baran Mahato CHAKRADHARPUR DIVISION Indian Railways News Ispat Express Jan Shatabdi Express Railway Infrastructure TATANAGAR RAILWAY STATION Tatanagar Vande Bharat Vande Bharat Depot
Share. Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link
Previous ArticleSouth Eastern Railway: झारसुगुड़ा स्टेशन में प्लेटफॉर्म की संख्या 5 से बढ़कर होगी 10, जीएम अनिल कुमार जैन ने लिया कार्यों का जायजा
Next Article ADITYAPUR: भक्ति और उल्लास के साथ विश्वकर्मा पूजा महोत्सव, भगवान विश्वकर्मा के चरणों में सुरक्षित रेल परिचालन की प्रार्थना
Railhunt News Desk
  • Website
  • Facebook
  • X (Twitter)
  • Instagram

देश के अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल्स और पत्रकारों का एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य रेलवे और परिवहन जगत की खबरों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करना है।

Related Posts

रेलहंट स्पेशल

MATHURA: कागजी दावों के बीच दम तोड़ रहे रेलकर्मी, फरह स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से की-मैन राम सिंह की दर्दनाक मौत

October 6, 2026
रेलहंट स्पेशल

ट्रेन सुरक्षा के बीच लोको पायलटों पर बढ़ा ‘अतिरिक्त दबाव’, रेलवे बोर्ड के नए आदेश से बढ़ा तनाव, टेल लैंप प्रक्रिया बनी नई चुनौती

September 30, 2026
बोर्ड/जोन

ECR के SDGM पंकज कुमार सिन्हा भेजे गये पश्चिम मध्य रेलवे, बनाये गये PCMM

September 28, 2026
Latest Posts

पुलिस और रेलकर्मियों के बीच टकराव, टिकट विवाद पर गरमाई सियासत में यूनियन की इंट्री

October 8, 2026

भारतीय रेलवे का बड़ा कदम: दिसंबर से बदल जाएगी रिजर्वेशन टिकटों की PNR सीरीज, जानें क्या होगा असर

October 6, 2026

MATHURA: कागजी दावों के बीच दम तोड़ रहे रेलकर्मी, फरह स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से की-मैन राम सिंह की दर्दनाक मौत

October 6, 2026

बैतूल के कौस्तुभ परिहार बने भारत में स्विट्जरलैंड दूतावास के आर्थिक सलाहकार, जिले के लिए गौरव का क्षण

October 4, 2026

TATANAGAR: जालियांवाला बाग एक्सप्रेस रद्द करने का विरोध, AGM के दौरे से ठीक पहले CGPC की आपात बैठक, आर-पार का अल्टीमेटम

October 4, 2026

आम जनता देखती रही स्क्रीन, दलाल उड़ा ले गए तत्काल टिकट! अब दिल्ली हाईकोर्ट करेगा हिसाब

October 1, 2026

सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को मिला गुरुमंत्र: रेलवे अधिकारियों की सलाह-‘मेहनत की कमाई को सोच-समझकर करें निवेश, साइबर ठगों से रहें सावधान’

October 1, 2026

Varanasi: बरेका में ऑल इंडिया अंतर-रेलवे कुश्ती प्रतियोगिता में पहलवानों ने दांव-पेंच से दिखाया दमखम

September 30, 2026

रेलकर्मियों का फूटा गुस्सा: ’12 घंटे नहीं, 8 घंटे की ड्यूटी दो’, सीवान में सुरक्षा सेमिनार के दौरान उठी बोनस और कैडर री-स्ट्रक्चरिंग की मांग

September 30, 2026

बांदीकुई में राजस्थान ACB की स्ट्राइक: 10 हजार की घूस लेते रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर समेत तीन गिरफ्तार

September 30, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join Railhunt Group