MATHURA. उत्तर मध्य रेलवे के फरह रेलवे स्टेशन (किमी 1377/22A-24A थर्ड FAR यार्ड-KXM) पर सुबह करीब 05:15 बजे थर्ड लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से कीमैन व ट्रैकमेन राम सिंह जी की कार्य के दौरान रन ओवर होने से असमय मौत हो गई है. इस हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर भारतीय रेलवे में फील्ड पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ सहित रेलवे कर्मियों ने इस पर गहरा शोक व्यक्त किया है.
सुरक्षा के दावे सिर्फ फाइलों और कागजों तक सीमित
यह पहली बार नहीं है जब पटरियों पर जान जोखिम में डालकर देश की परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखने वाले किसी ट्रैकमेन या कीमैन ने अपनी जान गंवाई हो. आए दिन इस तरह की दर्दनाक घटनाएं सामने आ रही हैं, जो यह साबित करने के लिए काफी हैं कि रेलवे प्रशासन द्वारा पटरियों पर सुरक्षा और संरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावे सिर्फ कागजों और दफ्तरों तक ही सीमित रह गए हैं.
गश्त और मेंटेनेंस के दौरान कर्मचारियों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों, बेहतर विजिबिलिटी जैकेट, अलार्म उपकरणों और पर्याप्त संरक्षा प्रावधानों से लैस करने के दावे हर बार दुर्घटना के बाद खोखले साबित होते हैं. मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मियों के लिए कोई ठोस और प्रभावी फील्ड प्रोटेक्शन सिस्टम धरातल पर नजर नहीं आता है.
गंभीर सवाल और तत्काल कदम उठाने की जरूरत
इस दुखद हादसे ने रेलवे बोर्ड और जोनल प्रशासनों की कार्यप्रणाली को निम्नलिखित कटघरे में खड़ा कर दिया है:
- प्रभावी फील्ड अलार्म सिस्टम का अभाव: आधुनिक तकनीक के इस दौर में भी क्या रेलवे के पास ऐसा कोई चेतावनी तंत्र नहीं है जो पटरियों पर तैनात कीमैन को ट्रेन या मालगाड़ी के आने की समय रहते पूर्व सूचना दे सके?
- सुरक्षा ऑडिट की नाकामी: कागजी बैठकों और सुरक्षा अभियानों के बावजूद मैदानी स्तर पर कर्मचारियों की जान बचाने के लिए जमीनी प्रयास क्यों फेल हो रहे हैं?
- अकेले कार्य करने की मजबूरी: अत्यधिक कार्यभार और स्टाफ की कमी के चलते अक्सर कर्मचारियों को जोखिम भरे हालातों में अकेले काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जो दुर्घटनाओं को दावत देता है.
यदि रेलवे प्रशासन ने अब भी गंभीर सबक नहीं लिया और सुरक्षा उपायों को केवल कागजों से निकालकर धरातल पर लागू नहीं किया, तो ऐसे कई और समर्पित रेलकर्मी अपनी जान गंवाते रहेंगे. दिवंगत राम सिंह जी को विनम्र श्रद्धांजलि, और ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति मिले.



