NEW DELHI. ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA – एस्मा) द्वारा देश भर में रेल और यात्री सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाने तथा आम जनमानस में रेल संरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की गई थी.
इसके तहत 27 सितंबर 2026 को राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक ‘कर्तव्य पथ’ पर सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक “Run for Safety” (सुरक्षा के लिए दौड़) कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित था. इस राष्ट्रव्यापी आयोजन में पूरे भारतवर्ष से लगभग 500 स्टेशन मास्टरों के शामिल होने की संभावना थी.
कानून-व्यवस्था का हवाला देकर अनुमति निरस्त
आयोजन से ठीक एक दिन पूर्व, 26 सितंबर 2026 को दिल्ली पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर से सूचित किया गया कि वर्तमान में दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम को अनुमति प्रदान नहीं की जा सकती.
पुलिस प्रशासन से निर्देश मिलते ही एस्मा के केंद्रीय नेतृत्व ने तुरंत आधिकारिक सूचना जारी कर कर्तव्य पथ पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम के रद्द होने की घोषणा की और सभी सदस्यों को फोन व अन्य माध्यमों से इसकी जानकारी दी. संगठन ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन का पूर्ण सहयोग किया.

नई दिल्ली स्टेशन पर हुआ सांकेतिक आयोजन
आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (‘आईस्मा’) नई दिल्ली, के महामंत्री शरदचंद्र पुरोहित ने जारी बयान में बताया है कि यद्यपि मुख्य कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था, लेकिन देश के सुदूर हिस्सों से कई स्टेशन मास्टर साथी पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे. ऐसे में संगठन ने अपनी प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए बेहद छोटे और अनुशासित रूप में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ही एक संकेतात्मक (सांकेतिक) कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दौरान स्टेशन परिसर में मौजूद स्टेशन मास्टरों ने एकजुट होकर रेल संरक्षा, यात्री सुरक्षा और ट्रेनों के सटीक समय-पालन (Punctuality) के प्रति अपने समर्पण भाव को दोहराया और इसके लिए निष्ठापूर्वक शपथ ली.
यात्रियों से संवाद और सकारात्मक संदेश
संकेतात्मक कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्टेशन मास्टरों ने नई दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों से सीधा संवाद स्थापित किया. उन्होंने रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर यात्रियों के मनोभाव और सुझावों को जानने का प्रयास किया. एस्मा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि “मिशन रेल संरक्षा” हमेशा से स्टेशन मास्टरों की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और भविष्य में भी रहेगी.
प्रशासनिक बंदिशों के बावजूद, एस्मा के इस अनुशासित और शांतिपूर्ण कदम की उपस्थित यात्रियों एवं रेलकर्मियों द्वारा सराहना की गई. अंत में, “जय एस्मा, जय भारतीय रेल” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.




