RAIPUR. रेलवे संपत्ति को निशाना बनाने वाले चोरों और अवैध कबाड़ियों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) बिलासपुर मंडल ने एक बार फिर बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम ने मनेंद्रगढ़ इलाके में घेराबंदी कर अवैध रूप से ले जाए जा रहे 12 टन कबाड़ से लदे एक ट्रक को जब्त किया है. जब ट्रक की गहनता से तलाशी ली गई, तो उसमें चोरी की गई भारी-भरकम रेलवे पटरियां (90 आर रेल लाइन) और आयरन ब्रेक ब्लॉक जैसी बहुमूल्य सरकारी संपत्ति बरामद हुई.
कैसे हत्थे चढ़ा अवैध कबाड़ से भरा ट्रक?
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरव कुमार के सख्त निर्देशों के तहत निरीक्षक सुनीता मिंज और मंडल टास्क टीम लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी. इसी दौरान मुखबिर से पक्की खबर मिली कि रेल संपत्ति की एक बड़ी खेप को अवैध रूप से ठिकाने लगाने की तैयारी है.
सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम ने तुरंत मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध ट्रक (क्रमांक CG 07 BL 2601) को रोककर अपने कब्जे में ले लिया. वाहन को रेसुब पोस्ट मनेंद्रगढ़ लाकर जब अनलोड कराया गया, तो कबाड़ के ढेर के नीचे छिपाई गई 90 आर रेल लाइन और आयरन ब्रेक ब्लॉक मिले.
कुख्यात कबाड़ी रियाजुद्दीन उर्फ चुनमुन का नाम आया सामने
पकड़े गए ट्रक चालक सीताराम द्विवेदी (निवासी शहडोल, म.प्र.) से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने खुलासा किया कि यह पूरी खेप ‘चौहान ट्रेडर्स’ के मालिक रियाजुद्दीन उर्फ चुनमुन की है.
आरोपी रियाजुद्दीन क्षेत्र का शातिर और पुराना कबाड़ी है, जिसके खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशनों और रेलवे सुरक्षा बल में लोहा चोरी तथा रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं. आरपीएफ की इस छापेमारी की भनक लगते ही मुख्य आरोपी चुनमुन फरार हो गया, जिसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है.
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु और कानूनी कार्रवाई
जब्ती और अनुमानित कीमत: ट्रक से जब्त 12 टन कबाड़ में लगभग 450 किलोग्राम रेलवे संपत्ति शामिल है. बरामद रेल संपत्ति की कीमत करीब 17,100 रुपये और अन्य कबाड़ की कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई है.
- चालक गिरफ्तार: ट्रक चालक को गिरफ्तार कर विशेष रेलवे न्यायालय बिलासपुर के समक्ष पेश किया गया है.
- कानूनी धाराएं: रेसुब पोस्ट मनेंद्रगढ़ में अपराध क्रमांक 39/2026 के तहत धारा 3 (ए) आर.पी. (यू.पी.) एक्ट दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
आरपीएफ की इस ताबड़तोड़ और सीधी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध कबाड़ियों और लोहा चोरों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है. आरपीएफ अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या चोरी का माल खरीदने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.




