- बंडामुंडा बना रेल हादसे का केंद्र, पहले भी कई बार हो चुकी है डिरेलमेंट की घटना
CHAKRADHARPUR. चक्रधरपुर रेलमंडल में रेल हादसों की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. खासकर राउरकेला और बंडामुंडा रेल खंड इन दिनों लगातार दुर्घटनाओं के कारण सुर्खियों में बना हुआ है. ताजा मामला बंडामुंडा रेल यार्ड का है, जहां रेल इतिहास का एक अनोखा और चिंताजनक हादसा सामने आया. बुधवार रात से गुरुवार दोपहर तक मात्र 11 घंटे के भीतर एक ही मालगाड़ी तीन-तीन बार डीरेल हो गई. यह पूरा घटनाक्रम महज दो किलोमीटर के बीच घटित हुआ.
पहली बार हुआ डीरेलमेंट
मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 8:30 बजे बंडामुंडा रेल यार्ड के पी-केबिन से बिसरा की ओर जा रही एक मालगाड़ी का दो डिब्बा अचानक पटरी से उतर गया. आनन-फानन में कैरेज एंड वैगन और इंजीनियरिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया. देर रात तक चले रेस्क्यू के बाद कोच को पुनः पटरी पर चढ़ाया गया.
दूसरी बार पटरी से उतरे डिब्बे
पहली घटना के महज कुछ घंटे बाद ही गुरुवार सुबह करीब 3:30 बजे, उक्त मालगाड़ी को विभागीय जांच के लिए बंडामुंडा डीज़ल शेड की ओर ले जाया जा रहा था. लेकिन हादसे वाली जगह से मात्र 100 मीटर दूर पहुंचते ही मालगाड़ी का एक और कोच फिर से पटरी से उतर गया. जिस कारण रेल कर्मियों को एक बार फिर राहत कार्य में जुटना पड़ा.
तीसरी बार फिर हुआ हादसा
कड़ी मशक्कत के बाद गुरुवार सुबह 7:00 बजे तक मालगाड़ी को फिर से पटरी पर लाया गया. लेकिन जब इसे आगे बढ़ाया गया तो केवल एक किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद, एन-केबिन के पास मालगाड़ी के तीन और डिब्बे पटरी से उतर गए. लगातार तीसरे हादसे ने रेल अधिकारियों और कर्मियों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया.
अधिकारियों की सांसें फूलीं
लगातार तीन बार डीरेलमेंट की घटना के बाद कैरेज एंड वैगन तथा इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे. मौके पर तैनात अधिकारी एक बार फिर से राहत कार्य में जुट गए और आखिरकार गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे मालगाड़ी को किसी तरह बंडामुंडा डीज़ल शेड तक पहुंचाया गया.
रेल महकमे में बना चर्चा का विषय
एक ही मालगाड़ी का तीन-तीन बार डीरेल होना चक्रधरपुर रेलमंडल समेत पूरे दक्षिण पूर्व रेलवे जॉन में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है. इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैक की हालत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
डीआरएम की गैरमौजूदगी से बढ़ी बेचैनी : घटना के समय चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया झारसुगड़ा में निरीक्षण पर थे. जिस कारण बंडामुंडा के स्थानीय अधिकारियों पर अतिरिक्त दबाव बन गया और मौके पर मौजूद स्टाफ राहत कार्य में पसीना-पसीना हो गया.
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