- चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स में तैयार लोको में लगे कंपोजिट कन्वर्टर्स से पेंट्रीकारों व डिब्बों और मिलेगी बिजली
आसनसोल. चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू) ने तेजस एक्सप्रेस के लिए डिजाइन लोको के पहले बैच को वैप – 5 को पटरी पर उतार दिया है. 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार के साथ यह इलेक्ट्रिक इंजन अधिक ऊर्जा के साथ उच्च गति पर हवा के बहाव को कम करने में सक्षम होगा. बताया जाता है कि नयी तकनीक के कारण तेज रफ्तार के दौरान यह अपनी स्टेबलिटी को बरकरार रख सकेगा.
सीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक प्रवीण कुमार मिश्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सीएलडब्ल्यू से तेजस एक्सप्रेस लोको को हरी झंडी दिखाकर 2 अक्टूबर को रवाना किया. WAP-5 (35012-35013) प्रकार के इलेक्ट्रिक इंजन 6000 HP क्षमता के हैं और दोनों ही नवीनतम IGBT आधारित प्रणोदन प्रणाली से लैस हैं जो प्रत्येक 160kmph पर चलने में सक्षम हैं. दो लोको प्रीमियम यात्री ट्रेनों में परिचालन के लिए पुश-पुल मोड में काम करेंगे.
लोको पायलटों के कौशल में सुधार के लिए चालक डेस्क को भी एर्गोनोमिक रूप से री-संशोधित किया गया है. डिब्बों और पेंट्रीकारों को सीधे बिजली की आपूर्ति करने के लिए इन लोको में कंपोजिट कन्वर्टर्स भी लगाये गये है. इस प्रकार अलग डीजल पावर जनरेटर की आवश्यकता नहीं रह गयी है. यह लोकोमोटिव शोर मुक्त, प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल हैं जो अधिक ऊर्जा कुशल हैं और इसमें कम रखरखाव की आवश्यकता होती है. यह भी बताया जा रहा है कि इस लोको के कारण शंटिंग समय की भी बचत होगी. इन लोकोमोटिव का उपयोग भारतीय रेलवे में प्रीमियम एक्सप्रेस यात्री ट्रेनों को चलाने के लिए किया जायेगा.
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